Icha Kharkai Dam Protest (प्रकाश कुमार गुप्ता) : ईचा-खरकई बांध परियोजना के खिलाफ आवाज उठाने वाले वीर शहीद गंगाराम कालुण्डिया की शहादत को याद करते हुए झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के जिला अध्यक्ष सोनाराम देवगम और जिला संयुक्त सचिव विश्वनाथ बाड़ा ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर श्री देवगम ने कहा कि शहीद गंगाराम कालुण्डिया आज भी आदिवासी समाज के दिलों में जीवित हैं। उनके जैसे बहादुर योद्धा वर्तमान समय में मिल पाना बेहद मुश्किल है।
श्री देवगम ने शहीद गंगाराम कालुण्डिया की बहादुरी और उनके संघर्ष को याद करते हुए कहा कि जब गंगाराम कालुण्डिया फौज से सेवानिवृत्त होकर अपने गांव लौटे, तो उन्होंने ईचा-खरकई बांध परियोजना के तहत 126 गांवों के डूबने के विरोध में आवाज उठाई। उन्होंने स्थानीय लोगों को एकजुट कर शास्त्र आंदोलन की शुरुआत की। उस समय बिहार सरकार ने एक षडयंत्र रचते हुए 4 अप्रैल 1982 को पुलिस के द्वारा शहीद गंगाराम कालुण्डिया को अपनी जान गंवानी पड़ी।
श्री देवगम ने शहीद के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनका बलिदान और संघर्ष आदिवासी समाज के लिए एक प्रेरणा है। उनकी शहादत ने समाज में जागरूकता और एकता का संदेश दिया, जो आज भी आदिवासी समुदाय की भावनाओं में बसा हुआ है।