Abandoned Health Center Pilka (प्रकाश कुमार गुप्ता) : पश्चिम सिंहभूम जिले के मंझारी प्रखंड स्थित पिलका गांव में 2010 से निर्माणाधीन उपस्वास्थ्य केंद्र अब खंडहर में तब्दील हो चुका है। यह गंभीर स्थिति तब सामने आई जब पूर्व मंत्री एवं भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष बड़कुंवर गागराई क्षेत्रीय दौरे पर पिलका पहुंचे। दौरे के दौरान ग्रामीणों ने उन्हें रोककर उपस्वास्थ्य केंद्र की बदहाल स्थिति की ओर ध्यान आकृष्ट कराया।
ग्रामीणों ने बताया कि करीब 15 वर्ष पूर्व शुरू हुआ यह स्वास्थ्य केंद्र आज भी अधूरा पड़ा है। भवन की हालत इतनी जर्जर हो चुकी है कि उसमें कुत्तों, सांपों और बिच्छुओं का बसेरा बन गया है। इलाज की आस लगाए लोगों के लिए यह भवन अब खतरे का कारण बन चुका है।
पूर्व मंत्री ने उपस्वास्थ्य केंद्र की स्थिति को ‘विकास के खोखले दावों का प्रतीक’ बताते हुए कड़ी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि वे जल्द ही संबंधित विभाग से इस विषय में बात करेंगे और ठोस कार्रवाई की मांग करेंगे।

विधायक पर भी उठे सवाल
ग्रामीणों का कहना है कि इस मुद्दे की जानकारी स्थानीय विधायक को भी दी गई है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। लोगों का कहना है कि अगर यह केंद्र बनकर तैयार हो जाए, तो मंझारी के साथ-साथ तांतनगर प्रखंड के हजारों ग्रामीणों को भी स्वास्थ्य सुविधाएं सुलभ हो सकेंगी।
पूर्व मंत्री ने राज्य सरकार को चेतावनी देते हुए कहा, “अगर इस उपेक्षा पर जल्द संज्ञान नहीं लिया गया, तो हम जन आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। यह हाल सिर्फ पिलका का नहीं है, बल्कि राज्य के कई जिलों में विकास की यही तस्वीर है।”
अब देखना यह होगा कि राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग इस मुद्दे पर क्या रुख अपनाते हैं और पिलका गांव को वर्षों से प्रतीक्षित स्वास्थ्य सेवा कब तक मिल पाती है।