Hool Diwas 2025 celebration – हूल दिवस के अवसर पर समाजसेवी सुधीर किस्कू के नेतृत्व में चांडिल क्षेत्र के विभिन्न जगहो पर पंहुचकर संकल्प लेकर हुल दिवस का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों लोगों ने भाग लिया। इस अवसर पर भगवान सिद्धू-कान्हू और फुलो-झानो की श्रद्धांजलि दी गई और उनके बलिदान को याद किया गया।
हूल का आगाज का उद्देश्य:
हूल का विशेषकर इस का उद्देश्य भगवान सिद्धू-कान्हू और फुलो-झानो के बलिदान को याद करना और उनके सपनों को पूरा करने के लिए लोगों को जागरूक करना था। रैली में शामिल लोगों ने भगवान सिद्धू-कान्हू और फुलो-झानो के चित्रों को लेकर मार्च किया और उनके जयकारे लगाए।
श्रद्धांजलि सभा:
सिद्धू कान्हू की याद मौन के बाद एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया, जिसमें समाजसेवी सुधीर किस्कू ने भगवान सिद्धू-कान्हू और फुलो-झानो के बलिदान को याद किया और उनके सपनों को पूरा करने के लिए लोगों से आह्वान किया।
समाजसेवी सुधीर किस्कू का संदेश:
समाजसेवी सुधीर किस्कू ने कहा कि भगवान सिद्धू-कान्हू और फुलो-झानो का बलिदान हमें हमारे अधिकारों के लिए लड़ने और हमारे समाज के विकास के लिए काम करने के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे अपने अधिकारों के लिए जागरूक रहें और अपने समाज के विकास के लिए काम करें।
हूल दिवस में शामिल लोगों का उत्साह:
हूल दिवस में शामिल लोगों ने भगवान सिद्धू-कान्हू और फुलो-झानो के जयकारे लगाए और उनके बलिदान को याद किया। लोगों ने समाजसेवी सुधीर किस्कू के नेतृत्व में अपने अधिकारों के लिए लड़ने और अपने समाज के विकास के लिए काम करने का संकल्प लिया। साथ ही चांडिल अनुमंडल के सिद्धू – कान्हू चौक चांडिल, फूलो झानो मोड खुंटी ,गौरांककोचा प्रखंड मोड आदि जगहो पर श्रद्धाजंलि दी ।
इस अवसर पर काफी संख्या में महिला एवं पुरुष उपस्थित थे।