Ichagarh Wild Elephant Attack : मकान तोड़कर खा गया धान, ग्रामीणों में दहशत
Ichagarh Wild Elephant Attack : सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल अनुमंडल अंतर्गत ईचागढ़ क्षेत्र में जंगली हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। रविवार की देर रात करीब दो बजे नीमडीह प्रखंड के बांदु गांव में एक जंगली हाथी ने जमकर उत्पात मचाया। हाथी ने गांव निवासी खिरोद महतो के घर की दीवार तोड़ दी और घर के अंदर रखे धान को खा गया। इस दौरान घर के अंदर सो रहे खिरोद महतो किसी तरह अपनी जान बचाकर बाहर निकलने में सफल रहे।
दीवार तोड़कर घर में घुसा हाथी
पीड़ित खिरोद महतो ने बताया कि रात में वे गहरी नींद में सो रहे थे। इसी दौरान अचानक जोरदार आवाज के साथ घर की दीवार टूटकर गिर गई। आवाज सुनकर जब उनकी नींद खुली तो उन्होंने देखा कि एक विशाल दंतैल जंगली हाथी अपनी सूंड घर के अंदर डालकर पास में रखे धान के बोरे को फाड़कर खा रहा है।
उन्होंने बताया कि उस समय स्थिति बेहद भयावह थी। हाथी ठीक उनके सामने था और वे डर के मारे कुछ समझ नहीं पा रहे थे। हिम्मत जुटाकर वे धीरे-धीरे दरवाजे की ओर खिसकते हुए पहुंचे और जैसे ही मौका मिला, दरवाजा खोलकर बाहर की ओर भाग निकले। इस तरह उन्होंने किसी तरह अपनी जान बचाई।
घटना से गांव में फैली दहशत
घटना के बाद पूरे बांदु गांव में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से जंगली हाथियों का झुंड लगातार घूम रहा है और खेतों तथा घरों में घुसकर फसलों को नुकसान पहुंचा रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार, नीमडीह प्रखंड के सीमा, रामनगर, गुण्डा, काशीडीह, बांदु, पुरियारा, जुगीलोंग, कदला, लाकड़ी, बागड़ी, तिलाईटांड़ और चातरमा सहित दर्जनों गांवों में हाथियों की गतिविधि बढ़ गई है। इससे ग्रामीणों को रात भर जागकर पहरा देना पड़ रहा है।
फसल और संपत्ति को हो रहा नुकसान
ग्रामीणों ने बताया कि जंगली हाथियों के कारण किसानों की फसलें लगातार बर्बाद हो रही हैं। कई जगह हाथियों ने खेतों में घुसकर धान और अन्य फसलों को नष्ट कर दिया है। इसके साथ ही घरों को भी नुकसान पहुंचाया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है।
वन विभाग से मुआवजे की मांग
घटना के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग से तत्काल राहत और मुआवजा देने की मांग की है। लोगों का कहना है कि हाथियों के हमलों से उनकी संपत्ति और फसल को भारी नुकसान हो रहा है, इसलिए प्रशासन को जल्द से जल्द मुआवजा देकर राहत प्रदान करनी चाहिए।
ग्रामीणों ने यह भी मांग की है कि वन विभाग हाथियों को आबादी वाले क्षेत्रों से दूर रखने के लिए ठोस कदम उठाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके और ग्रामीण सुरक्षित रह सकें।
रात में पहरा देने को मजबूर ग्रामीण
लगातार बढ़ रहे हाथियों के आतंक के कारण क्षेत्र के लोग रात में चैन की नींद नहीं सो पा रहे हैं। कई गांवों में ग्रामीण समूह बनाकर रात भर पहरा दे रहे हैं ताकि हाथियों के आने की सूचना मिलते ही लोगों को सतर्क किया जा सके।
ग्रामीणों का कहना है कि अगर जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। इसलिए प्रशासन और वन विभाग को मिलकर इस दिशा में गंभीर पहल करनी चाहिए।



