जमशेदपुर से बड़ी खबर: 50 वर्षों से रह रहे लोगों को अब तक नहीं मिला स्वामित्व अधिकार
जमशेदपुर के छोटागोविंदपुर स्थित एल.आई.जी. कॉलोनी के निवासियों का वर्षों पुराना दर्द एक बार फिर सामने आया है। करीब 50 साल से इन घरों में रह रहे सैकड़ों परिवार आज भी अपने ही घर के मालिक नहीं बन पाए हैं। इसी मुद्दे को लेकर सोमवार को निवासियों ने एकजुट होकर आदित्यपुर स्थित झारखंड राज्य हाउसिंग बोर्ड कार्यालय पहुंचकर कार्यपालक अभियंता अरशद हुसैन को ज्ञापन सौंपा और अपनी मांगों को जोरदार तरीके से रखा।
1975 में बने थे फ्लैट, आज भी अधर में लटका आवंटन
निवासियों ने बताया कि वर्ष 1975 में तत्कालीन बिहार आवास बोर्ड द्वारा इन एलआईजी फ्लैटों का निर्माण किया गया था। तब से लेकर अब तक कई पीढ़ियां इन मकानों में रह रही हैं, लेकिन हैरानी की बात यह है कि लगभग 90 प्रतिशत घरों का आज तक न तो विधिवत आवंटन हुआ है और न ही रजिस्ट्रेशन या एग्रीमेंट की प्रक्रिया पूरी की गई है।
कुछ मामलों में आवंटन होने के बावजूद भी एग्रीमेंट लंबित पड़ा है, जिससे लोगों में असमंजस और असुरक्षा की स्थिति बनी हुई है।

2017 की अधिसूचना लागू करने की मांग
निवासियों ने झारखंड सरकार की 17 मार्च 2017 की अधिसूचना का हवाला देते हुए कहा कि इस नियम के तहत 10 वर्षों से अधिक समय से निवास कर रहे लोगों को नियमानुसार आवास का नियमितीकरण किया जाना चाहिए।
लोगों का कहना है कि जब वे दशकों से यहां रह रहे हैं, बिजली-पानी का भुगतान कर रहे हैं, तो उन्हें मालिकाना हक से वंचित रखना अन्याय है।
निवासियों की प्रमुख मांगें
ज्ञापन के माध्यम से निवासियों ने कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं, जिनमें शामिल हैं:
- जिस व्यक्ति का जो मकान है, उसी के नाम आवंटन किया जाए
- रियायती दर पर स्वामित्व प्रदान किया जाए
- भुगतान की सुविधा आसान किस्तों में दी जाए
- लीज अवधि का पुनर्निर्धारण किया जाए
- पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाए
- कॉलोनी में विशेष शिविर लगाकर आवेदन प्रक्रिया पूरी कराई जाए
हाउसिंग बोर्ड ने दिया आश्वासन
कार्यपालक अभियंता अरशद हुसैन ने निवासियों को आश्वस्त किया कि उनकी सभी मांगों को रांची स्थित मुख्यालय को भेजा जाएगा। साथ ही उन्होंने कहा कि जल्द ही कॉलोनी में विशेष शिविर लगाकर निवासियों से आवेदन लिए जाएंगे और प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।
निवासियों का भरोसा, अब मिलेगा हक
इस मौके पर नेतृत्व कर रहे जम्मी भास्कर ने कहा कि सभी निवासी एकजुट होकर अपने अधिकार के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्हें विश्वास है कि सरकार उनकी समस्याओं को समझते हुए सकारात्मक निर्णय लेगी और जल्द ही सभी को उनके घर का स्वामित्व अधिकार मिलेगा।
सैकड़ों लोग रहे मौजूद
इस दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय निवासी उपस्थित रहे, जिनमें रमन सिंह, अवधेश सिंह, शशि भूषण सिंह, बबलू सिंह, राजू सिंह, मंजीत कुमार, पवन वर्मा, जगदीश मिश्रा, अमित राजपूत, करण सिकरवार, सतीश राव, राजेश झा, गौतम झा, एसपी सिंह, भीम सिंह, शशि रंजन, रविंदर शर्मा, मनोज कुमार सिंह, दिलीप कुमार सिन्हा (छोटू), पंकज कुमार सिंह, उदय शंकर, सुधा श्रीनिवास राव, भोला, नकुल कुमार सिंह, सुनील कुमार सिंह, सननी सिंह सहित सैकड़ों लोग शामिल थे।
दशकों का इंतजार कब होगा खत्म?
छोटागोविंदपुर एलआईजी कॉलोनी के निवासियों का यह मामला सिर्फ एक कॉलोनी का नहीं, बल्कि सरकारी प्रक्रियाओं की धीमी रफ्तार और आम जनता की पीड़ा का उदाहरण बन गया है। अब देखना यह होगा कि हाउसिंग बोर्ड और सरकार कब तक इस लंबे इंतजार को खत्म कर निवासियों को उनका हक दिला पाती है।



