Jamshedpur Mango Clinic Case : जमशेदपुर के मानगो स्थित एक निजी नर्सिंग होम में किशोर रियान आलम की मौत का मामला अब गंभीर विवाद का रूप ले चुका है। घटना के बाद जहां एक ओर मृतक के परिजन इलाज में लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर डॉक्टरों ने भी सामने आकर अपनी स्थिति स्पष्ट की है। इस बीच डॉक्टरों के संगठन इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने भी इस पूरे मामले में हस्तक्षेप करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
क्या है पूरा मामला?
बताया जा रहा है कि 26 मार्च को किशोर रियान आलम को पेट दर्द की शिकायत के बाद मानगो के एक निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था। जांच के दौरान डॉक्टरों ने उसके पेट में ट्यूमर होने की पुष्टि की। इसके बाद लेजर सर्जरी की तैयारी शुरू की गई।
क्लीनिक संचालक डॉ. अशरफ बदर के अनुसार, ऑपरेशन से पहले सभी आवश्यक मेडिकल प्रोटोकॉल का पालन किया गया और एनेस्थीसिया देने की प्रक्रिया भी पूरी सावधानी से की गई। हालांकि इसी दौरान मरीज का ब्लड प्रेशर अचानक अस्थिर हो गया, जिससे स्थिति गंभीर बन गई।
सदर अस्पताल रेफर, लेकिन नहीं बच सकी जान
डॉक्टरों के मुताबिक, स्थिति बिगड़ने पर रियान को तत्काल बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल रेफर किया गया। क्लीनिक प्रबंधन का दावा है कि रेफर करते समय मरीज की सांसें सामान्य थीं और वह होश में भी था।
हालांकि, करीब 7 घंटे बाद जब डॉक्टरों की टीम सदर अस्पताल पहुंची, तब तक रियान की हालत बेहद गंभीर हो चुकी थी। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई, जिसके बाद परिजनों में आक्रोश फैल गया और अस्पताल परिसर में तनाव की स्थिति बन गई।
डॉक्टरों पर आरोप और मारपीट का मामला
घटना के बाद मृतक के परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। वहीं, क्लीनिक संचालक डॉ. अशरफ बदर ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि एनेस्थीसियोलॉजिस्ट डॉ. अजय प्रसाद पूरी तरह निर्दोष हैं और उन्हें बेवजह बदनाम किया जा रहा है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने इस मामले को राजनीतिक रंग देने की कोशिश की और इसी दौरान उनके साथ मारपीट की घटना भी हुई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।
IMA ने की कड़ी निंदा, उठाई सुरक्षा की मांग
इस मामले में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) की जॉइंट सेक्रेटरी डॉ. सुनीता कुमारी ने डॉक्टरों के साथ हुई मारपीट की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि बिना पूरी जांच के किसी भी चिकित्सक को दोषी ठहराना उचित नहीं है।
उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि डॉक्टरों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए और इस मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाई जानी चाहिए। प्रेस वार्ता में डॉ. मृत्युंजय सिंह, डॉ. अजय प्रसाद और डॉ. अभिषेक मुंडू भी मौजूद रहे और सभी ने एक स्वर में न्यायसंगत जांच की मांग की।
बायोप्सी रिपोर्ट पर टिकी सच्चाई
डॉ. अशरफ बदर ने कहा कि रियान की मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा बायोप्सी रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि यह मामला मेडिकल इमरजेंसी का था या किसी प्रकार की लापरवाही हुई है।
बढ़ता विवाद, सबकी नजर जांच पर
मानगो क्लीनिक केस अब शहर में चर्चा का प्रमुख विषय बन गया है। एक तरफ परिजन न्याय की मांग कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ डॉक्टर समुदाय अपनी सुरक्षा और सम्मान की बात उठा रहा है।
अब इस पूरे मामले में सभी की नजर प्रशासनिक जांच पर टिकी है, जो यह तय करेगी कि आखिर रियान आलम की मौत के पीछे असली कारण क्या था।



