नवनियुक्त सहायक आचार्यों ने डीएसई से की मुलाकात, विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग
Newly Appointed Assistant Teachers : जिले के नवनियुक्त सहायक आचार्यों का एक प्रतिनिधिमंडल सोमवार की शाम जिला शिक्षा अधीक्षक (डीएसई) कैलाश मिश्रा से मिला और अपनी विभिन्न समस्याओं के समाधान को लेकर एक ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने विभागीय प्रक्रियाओं में हो रही देरी पर चिंता व्यक्त करते हुए संबंधित कार्यों को जल्द पूरा कराने की मांग की।
वरिष्ठ शिक्षक तरूण कुमार सिंह के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने जिला शिक्षा अधीक्षक से शैक्षणिक प्रमाण पत्रों की जांच, जीपीएफ अकाउंट खोलने, सर्विस बुक तैयार करने और वेतन भुगतान की प्रक्रिया को शीघ्र पूरा कराने का आग्रह किया। शिक्षकों ने कहा कि नियुक्ति के बाद भी कई प्रशासनिक प्रक्रियाएं लंबित हैं, जिससे उन्हें आर्थिक और प्रशासनिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रतिनिधिमंडल ने यह भी जानकारी मांगी कि काउंसिलिंग प्रक्रिया पूरी करने के बाद भी जिन अभ्यर्थियों को अभी तक नियुक्ति पत्र नहीं मिला है, उनके मामले में क्या स्थिति है और कब तक उन्हें नियुक्ति पत्र प्रदान किया जाएगा।
इस पर जिला शिक्षा अधीक्षक कैलाश मिश्रा ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त करते हुए कहा कि शिक्षकों से जुड़े सभी लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि शैक्षणिक प्रमाण पत्रों की जांच, जीपीएफ अकाउंट और सर्विस बुक तैयार करने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। विभाग का प्रयास है कि मई माह के अंत तक नवनियुक्त सहायक आचार्यों के वेतन भुगतान की व्यवस्था सुनिश्चित कर दी जाए। इसके लिए शिक्षा विभाग की ओर से युद्ध स्तर पर काम किया जा रहा है।
डीएसई ने यह भी स्पष्ट किया कि काउंसिलिंग प्रक्रिया पूरी कर चुके जिन अभ्यर्थियों को अभी तक नियुक्ति पत्र नहीं मिला है, वह मामला राज्य सरकार के स्तर से जुड़ा हुआ है। इस संबंध में राज्य सरकार के निर्देश का इंतजार किया जा रहा है। जैसे ही सरकार से दिशा-निर्देश प्राप्त होंगे, पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित कर दिया जाएगा।
प्रतिनिधिमंडल में सहायक आचार्य कुणाल दास, परमेश्वर महतो, कमलेश कुमार विनय, रजनीकांत महतो, श्यामा प्रसाद मांझी सहित कई शिक्षक शामिल थे। सभी ने उम्मीद जताई कि शिक्षा विभाग जल्द ही उनकी समस्याओं का समाधान करेगा, जिससे वे पूरी निष्ठा के साथ अपने शैक्षणिक कार्यों में योगदान दे सकें।



