Ravi Jaiswal Social Work (प्रकाश कुमार गुप्ता) : युवा समाजसेवी रवि जायसवाल की मदद की एक और प्रेरणादायक कहानी सामने आई है, जो गरीबों और जरूरतमंदों के लिए उम्मीद की किरण बनते जा रहे हैं। रवि जायसवाल न केवल अपनी जिम्मेदारियों को निभा रहे हैं, बल्कि अपने सामर्थ्य से समाज में एक नया परिवर्तन लाने की दिशा में भी काम कर रहे हैं।
हाल ही में गुटुसाई गांव, निमडीह, चाईबासा की एक विधवा महिला उर्मिला गोप की लंबी बीमारी के कारण मृत्यु हो गई। उर्मिला गोप के परिवार में कोई संतान नहीं थी और उनके अन्य परिवारजनों का जीवन भी मुश्किल से चल रहा था, जो मुख्यतः दैनिक मजदूरी पर निर्भर थे। उनके पास मृत महिला के दशकर्मा के लिए जरूरी सामान और पैसे जुटाने की स्थिति नहीं थी। ऐसे में जब यह सूचना रवि जायसवाल को मिली, तो उन्होंने बिना किसी देर के परिवार की मदद करने का निर्णय लिया।
रवि जायसवाल ने तुरंत परिवार को ₹5000 की मदद राशि दी, जिससे वे जरूरी सामान जैसे आटा, दाल, आलू, प्याज, सरसों तेल, रिफाइंड तेल, और लकड़ी खरीद सके। इस मदद से न केवल दशकर्मा का सामान जुटाया गया, बल्कि परिवार को मानसिक और भावनात्मक सहारा भी मिला।
इस नेक कार्य के लिए परिवार ने रवि जायसवाल का दिल से आभार व्यक्त किया और कहा कि यदि रवि नहीं मदद करते, तो उनके लिए यह कार्य करना असंभव हो जाता। परिवारवालों का कहना था कि रवि के कारण ही वे दशकर्मा की प्रक्रिया पूरी कर पाए, जिससे उनके घर में एक उम्मीद की रौशनी आई।
इस कार्य में चाईबासा की समाजसेवी नेहा निषाद ने भी अहम भूमिका निभाई। उन्होंने उर्मिला गोप के परिवार की स्थिति की जानकारी रवि जायसवाल तक पहुंचाई और परिवार को नकद राशि प्रदान करने में मदद की।
रवि जायसवाल का यह कदम एक उदाहरण है कि समाज में अगर कोई व्यक्ति अपनी जिम्मेदारी निभाए तो वह जरूरतमंदों के लिए वास्तविक मददगार बन सकता है। उनके इस कार्य से यह साबित होता है कि अगर दिल में नेक इरादे हों, तो किसी भी परिस्थिति में किसी की मदद की जा सकती है।