स्थायी दुकान और वैकल्पिक व्यवस्था की मांग, रोजी-रोटी का सवाल उठाया
जमशेदपुर, मानगो : जमशेदपुर के मानगो-डिमना रोड पर अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत प्रशासन द्वारा अस्थायी सब्जी विक्रेताओं की दुकानों को हटाए जाने के बाद बुधवार को विक्रेताओं ने इसका विरोध किया। राजस्थान भवन के सामने जमा हुए सब्जी विक्रेताओं ने प्रशासन से स्थायी और वैकल्पिक व्यवस्था की मांग की, ताकि उनकी रोजी-रोटी चलती रहे।
सब्जी विक्रेता सत्येंद्र कुमार ने कहा कि सड़क किनारे से हटाए जाने के बाद उनकी रोजी-रोटी पर संकट आ गया है। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि उन्हें मानगो पुल के किनारे या धर्मशाला के पास स्थायी रूप से दुकानें लगाने की अनुमति दी जाए। उन्होंने यह भी बताया कि मानगो-डिमना रोड के सेंट्रल वर्जिन के पास करीब 200 से अधिक अस्थायी दुकानदार अपनी जीविका चला रहे थे, जिन्हें अतिक्रमण मुक्त कराने के नाम पर हटा दिया गया।
स्थायी समाधान की मांग
सब्जी विक्रेताओं का कहना है कि एक साल पहले भी मानगो में इसी तरह का अभियान चलाया गया था। उस समय कुछ विक्रेता, जिनके पास पैसे थे, उन्होंने नदी किनारे बनाए गए स्थायी दुकानों को खरीद लिया, जबकि अन्य विक्रेता दोबारा सड़क किनारे बैठने पर मजबूर हो गए। इस बार प्रशासन ने उनके प्लास्टिक और बोरों को जब्त कर लिया और दोबारा अतिक्रमण न करने की चेतावनी दी।
जाम से निजात दिलाने की पहल
प्रशासन द्वारा यह कार्रवाई ट्रैफिक जाम की समस्या को हल करने के लिए की जा रही है। मानगो नगर निगम और जिला प्रशासन ने इस महीने तीसरी बार अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया है। ट्रैफिक व्यवस्था सुचारू बनाए रखने के लिए ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की संख्या भी बढ़ाई गई है।
ग्रामीणों की अपील
सब्जी विक्रेताओं ने जिला प्रशासन से अपील की कि जब तक स्थायी दुकानें नहीं बनाई जातीं, उन्हें वैकल्पिक व्यवस्था दी जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वे बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई से विक्रेताओं और प्रशासन के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस समस्या का क्या समाधान निकालता है।