ग्रामीणों में दहशत, वन विभाग से हाथियों को क्षेत्र से हटाने की मांग
Wild Elephant Attack Ichagarh (सरायकेला-खरसावां)। ईचागढ़ थाना क्षेत्र के आदरडीह गांव के समीप जंगल में बुधवार दोपहर जंगली हाथी के हमले में एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल व्यक्ति की पहचान आदरडीह निवासी अमूल्य महतो (43 वर्ष) के रूप में हुई है। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है, जबकि ग्रामीणों ने वन विभाग से हाथियों को जल्द जंगल से खदेड़ने की मांग की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, अमूल्य महतो बुधवार को लगभग 12 बजे अपने मवेशियों को चराने के लिए गांव के पास स्थित जंगल की ओर गए थे। इसी दौरान जंगल में घूम रहे दो जंगली हाथियों में से एक हाथी ने अचानक उन पर हमला कर दिया। हाथी के हमले से अमूल्य महतो गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़े।
घटना की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और किसी तरह घायल को वहां से निकालकर पहले आदरडीह स्थित एक निजी क्लीनिक ले जाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी स्थिति को गंभीर देखते हुए उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ईचागढ़ भेजा गया। डॉक्टरों ने बेहतर इलाज की आवश्यकता को देखते हुए उन्हें एमजीएम अस्पताल जमशेदपुर रेफर कर दिया, जहां फिलहाल उनका इलाज चल रहा है।
ग्रामीणों में दहशत और आक्रोश
घटना के बाद आदरडीह और आसपास के गांवों में दहशत का माहौल बन गया है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले एक-दो दिनों से दो जंगली हाथी इलाके के जंगलों और खेतों के आसपास घूम रहे हैं। दिन के समय भी हाथियों की मौजूदगी से लोग खेतों और जंगल की ओर जाने से डर रहे हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि हाथियों के लगातार क्षेत्र में घूमने के कारण मवेशी चराने और जंगल से लकड़ी लाने जाने वाले लोगों को खतरा बना हुआ है। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते वन विभाग ने हाथियों को क्षेत्र से नहीं हटाया तो किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
वन विभाग ने दी तत्काल सहायता
घटना की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग की टीम भी सक्रिय हुई। विभाग की ओर से घायल अमूल्य महतो के परिवार को इलाज के लिए दस हजार रुपये की तत्काल आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। साथ ही वन विभाग के कर्मियों को क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने और हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखने का निर्देश दिया गया है।
हाथियों को खदेड़ने की मांग
ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि जल्द से जल्द हाथियों को आबादी वाले क्षेत्र से खदेड़कर सुरक्षित जंगल की ओर भेजा जाए। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो ग्रामीण आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जंगल से सटे गांवों में जंगली हाथियों की गतिविधियां लगातार बढ़ती जा रही हैं, जिससे लोगों के जान-माल का खतरा बढ़ गया है। ऐसे में वन विभाग को स्थायी समाधान की दिशा में ठोस पहल करनी चाहिए।



