Tatanagar Railway Hospital Fire Drill (प्रकाश कुमार गुप्ता) : टाटानगर रेलवे अस्पताल में बुधवार को एक विशेष आपातकालीन प्रशिक्षण मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य अस्पताल में आग लगने जैसी संकट की स्थिति में त्वरित और सुरक्षित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना था। इस अभ्यास के दौरान रेलवे अस्पताल की कैंटीन में आग लगने की एक काल्पनिक घटना को दर्शाया गया, जिससे अस्पताल के कर्मचारियों और मौजूद लोगों में यथार्थपरक भगदड़ की स्थिति उत्पन्न की गई।
इस मॉक ड्रिल का आयोजन रेल सिविल डिफेंस द्वारा किया गया, जो रेलवे अस्पताल के चीफ मेडिकल सुपरिटेंडेंट के निर्देश पर किया गया था। प्रशिक्षण का उद्देश्य मेडिकल कर्मचारियों को आगजनी की स्थिति में फायर सेफ्टी के उपकरणों के प्रयोग, मरीजों की सुरक्षित निकासी, और सही बचाव प्रक्रियाओं से अवगत कराना था।
अभ्यास के मुख्य बिंदु इस प्रकार रहे:
आपातकालीन निकासी: मरीजों को क्राउलिंग विधि अपनाकर आपात निकास द्वार से बाहर निकालने का प्रशिक्षण दिया गया, ताकि धुएं और आग से बचते हुए सुरक्षित निकासी सुनिश्चित की जा सके।
लिफ्ट का प्रयोग वर्जित: प्रशिक्षण में विशेष रूप से बताया गया कि आग लगने की स्थिति में लिफ्ट का प्रयोग पूरी तरह से निषिद्ध है, क्योंकि यह जानलेवा साबित हो सकता है।
फायर फाइटिंग उपकरणों का प्रदर्शन: ड्राई केमिकल फायर एक्सटिंग्विशर और अन्य अग्निशमन उपकरणों के प्रयोग को प्रदर्शन कर दिखाया गया, जिससे कर्मचारियों को उनका सही इस्तेमाल समझाया गया।
एलपीजी गैस लीकेज से लगने वाली आग से निपटने की विधियां भी लाइव डेमो के माध्यम से सिखाई गईं।
सिविल डिफेंस इंस्पेक्टर संतोष कुमार ने उपस्थित कर्मचारियों को बताया कि प्रचंड गर्मी के इस मौसम में एक छोटी सी चिंगारी भी बड़े अग्निकांड का रूप ले सकती है। उन्होंने विशेष रूप से अस्पताल में मौजूद एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड और अन्य विद्युत मशीनों की वायरिंग की नियमित जांच और लूज़ जॉइंट्स से बचने की सलाह दी।
इस मॉक ड्रिल के माध्यम से यह भी सुनिश्चित किया गया कि अस्पताल में मौजूद सभी कर्मचारियों को संकट की घड़ी में संयम बनाए रखते हुए, तुरंत और सुरक्षित तरीके से प्रतिक्रिया करने की क्षमता हो।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से उपस्थित रहे:
रेलवे अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. जे.पी. मोहाली, उपमुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजू मोहंता, वरिष्ठ मंडल चिकित्सा अधिकारी डॉ. पाली टार्गेन, मंडल चिकित्सा अधिकारी एस. मुर्मू, सिविल डिफेंस इंस्पेक्टर संतोष कुमार, डेमोंस्ट्रेटर अनिल कुमार सिंह, शंकर प्रसाद सहित अस्पताल के सभी नर्सिंग, ड्रेसिंग, तकनीकी और गैर-तकनीकी कर्मचारी।
अंत में डॉ. राजू मोहंता ने सभी को धन्यवाद ज्ञापन देते हुए कहा कि इस प्रकार के मॉक ड्रिल नियमित रूप से कराए जाने चाहिए ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में जानमाल की रक्षा की जा सके।