बंगाल में BJP की ‘ऐतिहासिक’ जीत की गूंज : जमशेदपुर के परसुडीह में दिवाली जैसा नजारा, सड़कों पर बंटे लड्डू और झालमुड़ी
BJP Bengal Victory : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों (या उपचुनावों) में भारतीय जनता पार्टी की शानदार और ऐतिहासिक जीत की धमक पड़ोसी राज्य झारखंड के औद्योगिक नगर जमशेदपुर में भी साफ तौर पर सुनाई दे रही है। बंगाल के परिणामों से उत्साहित भाजपा कार्यकर्ताओं ने जमशेदपुर के परसुडीह इलाके में जबरदस्त जश्न मनाया। माहौल ऐसा था मानो समय से पहले ही ‘दीपावली’ आ गई हो।

परसुडीह स्थित लोकनाथ भवन के समीप बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और स्थानीय समर्थक एकत्रित हुए। जीत की आधिकारिक घोषणा के साथ ही क्षेत्र ‘जय श्री राम’ और ‘भारतीय जनता पार्टी जिंदाबाद’ के नारों से गूंज उठा। कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों की थाप पर नृत्य किया और जमकर आतिशबाजी की। उत्सव की खास बात यह रही कि कार्यकर्ताओं ने केवल आपस में ही नहीं, बल्कि आम राहगीरों और स्थानीय लोगों के साथ भी अपनी खुशी साझा की। पूर्व जिला परिषद सदस्य राणा डे के नेतृत्व में भारी मात्रा में लड्डू और बंगाल का प्रसिद्ध नाश्ता ‘झालमुड़ी’ लोगों के बीच वितरित किया गया। सड़क से गुजरने वाले हर व्यक्ति को मुंह मीठा कराकर जीत की बधाई दी गई।
इस अवसर पर मीडिया से बात करते हुए पूर्व जिला परिषद सदस्य राणा डे ने कहा, “बंगाल की यह जीत केवल एक राजनीतिक जीत नहीं है, बल्कि यह वहां की जनता के संघर्ष और भाजपा की राष्ट्रभक्ति की विचारधारा की जीत है। बंगाल में हुए इस परिवर्तन का सीधा असर झारखंड की राजनीति पर भी पड़ेगा। आज परसुडीह के कार्यकर्ताओं में जो उत्साह है, वह आने वाले समय में झारखंड में भी बड़े बदलाव का संकेत है।”

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बंगाल में भाजपा का मजबूत प्रदर्शन झारखंड के सीमावर्ती जिलों, विशेषकर पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर) में पार्टी कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने का काम करेगा। पश्चिम बंगाल और कोल्हान क्षेत्र (जमशेदपुर संभाग) की सांस्कृतिक और भौगोलिक निकटता के कारण वहां की लहर का असर यहां की राजनीति में स्पष्ट रूप से देखा जाता रहा है। जश्न में शामिल कार्यकर्ताओं का कहना था कि बंगाल की जीत ने यह साबित कर दिया है कि जनता विकास और सुशासन के साथ है। कार्यक्रम में मुख्य रूप से राणा डे के अलावा कई स्थानीय बूथ अध्यक्ष, महिला मोर्चा की सदस्य और युवा मोर्चा के कार्यकर्ता उपस्थित थे। शाम ढलने तक परसुडीह का इलाका केसरिया झंडों और पटाखों की रोशनी से सराबोर रहा।





