हाता : महालया के शुभ अवसर पर रविवार, 11 अक्टूबर 2026 को माताजी आश्रम, हाता में झारखंड साहित्य संस्कृति परिषद का 23वां वार्षिक उत्सव विविध साहित्यिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर बहुभाषी साहित्यिक पत्रिका ‘झारखंड प्रभा’ के 18वें अंक का विमोचन किया गया। कार्यक्रम में साहित्यकारों, शिक्षकों, कलाकारों और समाजसेवियों को सम्मानित करने के साथ बहुभाषी कवि सम्मेलन और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।

‘झारखंड प्रभा भाषाई एकता का प्रतीक’: सूर्य सिंह बेसरा
कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र की शुरुआत अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन और मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ हुई। सरस्वती शिशु मंदिर, हलुद पुकुर के बच्चों ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया, जबकि कमल कांति घोष ने मातृ संगीत प्रस्तुत किया। परिषद के सचिव शंकर चंद्र गोप ने स्वागत भाषण दिया और संस्था के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला।
पत्रिका के संपादक सुनील कुमार दे ने ‘झारखंड प्रभा’ की विशेषताओं की जानकारी दी। इसके बाद ‘समाज निर्माण में साहित्यकारों की भूमिका’ विषय पर अतिथियों ने अपने विचार रखे।
सम्मानित अतिथि सूर्य सिंह बेसरा ने कहा कि झारखंड साहित्य संस्कृति परिषद ‘झारखंड प्रभा’ के माध्यम से सभी भाषाओं को उचित सम्मान देने का कार्य कर रही है। उन्होंने पत्रिका को भाषाई एकता का प्रतीक बताया और कहा कि वर्तमान समय में इस तरह की पहल प्रासंगिक है।
शिक्षाविद मित्रोश्वर अग्निहोत्री ने परिषद की पहल की सराहना की। वहीं, पूर्व विधायक मेनका सरदार ने माताजी आश्रम और झारखंड साहित्य संस्कृति परिषद की गतिविधियों की प्रशंसा की।

‘झारखंड प्रभा’ के 18वें अंक सहित पुस्तकों का विमोचन
कार्यक्रम के दौरान अतिथियों ने बहुभाषी साहित्यिक पत्रिका ‘झारखंड प्रभा’ के 18वें अंक का विधिवत विमोचन किया। इसके अलावा साहित्यकार विकास कुमार भकत द्वारा लिखित तीन पुस्तकों और वीरेंद्र घोष की एक अनुवाद पुस्तक का भी विमोचन किया गया।
शिक्षकों, साहित्यकारों और समाजसेवी को किया गया सम्मानित
सम्मेलन में टांगराइन मध्य विद्यालय के प्रधान शिक्षक अरविंग तिवारी, साहित्यकार करुणामय मंडल और चलियामा के तबला वादक तपन मंडल को नित्यानंद मंडल स्मृति पुरस्कार प्रदान किया गया। जुड़ी गांव निवासी शिक्षाविद एवं समाजसेवी रघुनंदन बनर्जी को विशिष्ट सम्मान से सम्मानित किया गया।
सम्मानित व्यक्तियों को शॉल, स्मृति चिह्न और प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। विशिष्ट सम्मान आशीष मंडल की ओर से दिया गया। इसके अलावा पूर्व में आयोजित साहित्यिक प्रतियोगिता के सफल प्रतिभागियों को भी पुरस्कृत किया गया। प्रतियोगिता के पुरस्कार विकास चैरिटेबल एजुकेशन ट्रस्ट की ओर से दिए गए।
कार्यक्रम में रघुनंदन बनर्जी ने ‘झारखंड प्रभा’ की भूमिका पर अपने विचार रखते हुए कहा कि यह पत्रिका सूर्य की प्रभा के समान समाज को दिशा प्रदान करेगी।
परिषद के अध्यक्ष भवतारण मंडल ने धन्यवाद ज्ञापन किया, जबकि अध्यक्षीय भाषण जन्मेजय सरदार ने दिया। कार्यक्रम का संचालन राजकुमार साहू ने किया।
बहुभाषी कवि सम्मेलन में कवियों ने लिया भाग
वार्षिक उत्सव के दूसरे चरण में दोपहर दो बजे बहुभाषी कवि सम्मेलन आयोजित हुआ। इसमें सुनील कुमार दे, सूर्य सिंह बेसरा, करुणामय मंडल, वीरेंद्र घोष, शंकर चंद्र गोप, वीथिका मंडल, पूजा महतो, विकास कुमार भकत, पंकज कुमार मिश्र, भवतारण मंडल, साधु चरण पाल, आशुतोष मंडल, सुदीप मुखर्जी और उज्ज्वल मंडल सहित अन्य कवियों ने भाग लिया।
दोपहर तीन बजे सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ परिषद का वार्षिक उत्सव संपन्न हुआ। आयोजन में माताजी आश्रम के भक्तों और झारखंड साहित्य संस्कृति परिषद के सदस्यों सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।




