Hemant Soren ने शनिवार, 17 अक्टूबर 2026 को रामगढ़ जिले के अपने पैतृक गांव नेमरा में अपनी दिवंगत माता रूपी सोरेन का दशकर्म संस्कार पारंपरिक रीति-रिवाजों और विधि-विधान के साथ संपन्न किया। इस अवसर पर परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों और बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणों की मौजूदगी रही। सभी ने धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेकर दिवंगत रूपी सोरेन को श्रद्धांजलि अर्पित की।
संस्कार के दौरान मुख्यमंत्री ने परिवार और ग्रामीणों के साथ स्थानीय सामाजिक परंपराओं के अनुरूप रस्में पूरी कीं। माता के निधन के बाद नेमरा स्थित उनके पैतृक आवास पर शोक संवेदना व्यक्त करने के लिए रिश्तेदारों, शुभचिंतकों और विभिन्न क्षेत्रों से लोगों के पहुंचने का सिलसिला जारी है।

Hemant Soren ने नेमरा में पारंपरिक रीति-रिवाजों से किया दशकर्म
दशकर्म संस्कार के अवसर पर परिजनों और ग्रामीणों ने दिवंगत रूपी सोरेन को श्रद्धांजलि दी। धार्मिक अनुष्ठान स्थानीय परंपराओं के अनुसार आयोजित किए गए, जिनमें परिवार के सदस्यों और रिश्तेदारों ने भाग लिया।
मुख्यमंत्री के पैतृक गांव नेमरा में इस दौरान शोक का माहौल रहा। वहां पहुंच रहे लोग मुख्यमंत्री और उनके परिवार के सदस्यों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त कर रहे हैं तथा दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।

रूपी सोरेन को श्रद्धांजलि देने पहुंच रहे रिश्तेदार और शुभचिंतक
माता के निधन के बाद नेमरा स्थित पैतृक आवास पर विभिन्न क्षेत्रों से लोगों का आना जारी है। रिश्तेदारों, शुभचिंतकों और स्थानीय लोगों की मौजूदगी के बीच लोग परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कर रहे हैं।
आगंतुक स्वर्गीय रूपी सोरेन को श्रद्धांजलि अर्पित कर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।

संस्कार भोज की तैयारियां लगभग पूरी
स्वर्गीय रूपी सोरेन की स्मृति में आयोजित होने वाले संस्कार भोज के लिए तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं। कार्यक्रम में शामिल होने वाले रिश्तेदारों, ग्रामीणों, शुभचिंतकों और अन्य आगंतुकों की सुविधा के लिए आवश्यक इंतजाम किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन स्वयं तैयारियों और व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, आगंतुकों के लिए भोजन, पेयजल, साफ-सफाई, प्रकाश, बैठने की जगह और पंडाल की व्यवस्था की गई है।

आवागमन और सुरक्षा व्यवस्था पर प्रशासन का ध्यान
संस्कार भोज में संभावित भीड़ को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने भी तैयारियां की हैं। कार्यक्रम स्थल के आसपास कानून-व्यवस्था बनाए रखने, यातायात को सुचारु रखने और वाहनों की पार्किंग के प्रबंध पर ध्यान दिया जा रहा है।
प्रशासन का उद्देश्य कार्यक्रम में शामिल होने वाले लोगों को असुविधा से बचाना और आयोजन को शांतिपूर्ण तथा व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराना है।

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