Adityapur Digital Mandi : सरायकेला-खरसावां जिले के आदित्यपुर में प्रस्तावित डिजिटल मंडी के निर्माण को लेकर विवाद सामने आया है। आशियाना ट्रेड सेंटर के सामने स्थित भूखंड पर वर्षों से दुकानें चला रहे छोटे व्यवसायियों के सामने बेदखली का संकट खड़ा हो गया है। गम्हरिया अंचल कार्यालय की ओर से अतिक्रमण हटाने का नोटिस जारी होने के बाद दुकानदारों ने पुनर्वास की मांग उठाई है।
प्रभावित दुकानदारों का कहना है कि वे करीब 40 वर्षों से इस जगह पर कारोबार कर अपने परिवारों का भरण-पोषण कर रहे हैं। ऐसे में बिना वैकल्पिक व्यवस्था के उन्हें हटाने से उनकी आजीविका प्रभावित हो सकती है।
बिना पुनर्वास बेदखली का विरोध
दुकानदारों के अनुसार, इस भूखंड को लेकर पहले हाउसिंग बोर्ड के स्तर पर विवाद और प्रक्रिया चल रही थी। होटल संचालक सागर मंडल ने बताया कि वर्ष 2004 से इस मामले में प्रक्रियाएं चल रही थीं। हालांकि, अब अंचल प्रशासन की ओर से जमीन खाली करने का नोटिस जारी किया गया है।
दुकानदारों की मांग है कि यदि जमीन पर नई परियोजना शुरू की जा रही है, तो उन्हें सरकारी नियमों के तहत प्राथमिकता के आधार पर दुकानें आवंटित की जाएं। उनका कहना है कि पुनर्वास की व्यवस्था किए बिना उन्हें हटाना उचित नहीं होगा।

दुकानदारों ने परिवारों की आजीविका पर जताई चिंता
स्थानीय व्यापारी सुदर्शन प्रसाद ने प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल उठाए। उनके अनुसार, दुकानदार कई दशकों से यहां कारोबार कर रहे हैं। ऐसे में अचानक बेदखली से उनके परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो सकता है।
व्यापारियों का कहना है कि दुकानों के हटने से बच्चों की पढ़ाई और परिवारों के दैनिक खर्च पर भी असर पड़ेगा। इसलिए वे प्रशासन से वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं।
डिजिटल मंडी के लिए प्रस्तावित है भूखंड
दूसरी ओर, निर्माण कार्य से जुड़ी रांची की निजी एजेंसी ‘सी-कैन’ के प्रतिनिधि राहुल ने बताया कि जिला प्रशासन के निर्देश और जुलाई माह के आदेश के तहत कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने कहा कि इस स्थान पर आधुनिक डिजिटल मंडी बनाने की योजना है। इसका उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने में मदद करना है। प्रस्तावित योजना के अनुसार, परिसर के बाहरी हिस्से में दुकानें होंगी, जबकि भीतरी हिस्से में मंडी संचालित की जाएगी।
दुकानदारों ने प्रशासन से की पुनर्वास की मांग
डिजिटल मंडी परियोजना को लेकर प्रभावित दुकानदारों ने अपनी आजीविका की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। उनका कहना है कि विकास परियोजना के साथ लंबे समय से कारोबार कर रहे छोटे व्यवसायियों के हितों का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।
अब इस मामले में दुकानदारों की मांग और प्रशासन की आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी। फिलहाल, पुनर्वास को लेकर प्रशासन की ओर से किसी अंतिम निर्णय की जानकारी उपलब्ध नहीं है।




