Nayan Singh Munda Death की खबर से सरायकेला-खरसावां जिले के ईचागढ़ प्रखंड स्थित सोड़ो पंचायत और आसपास के क्षेत्र में शोक की लहर है। सोड़ो पंचायत के मुखिया नयन सिंह मुंडा (48) का सोमवार को तामुलिया स्थित ब्रह्मानंद अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उन्हें तबीयत बिगड़ने के बाद तीन दिन पहले अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
रिपोर्ट के मुताबिक, चिकित्सकों ने उन्हें लीवर और किडनी से जुड़ी बीमारी होने की जानकारी दी थी। सोमवार को चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनके निधन की खबर सामने आने के बाद पंचायत प्रतिनिधियों और क्षेत्र के लोगों ने शोक व्यक्त किया।

Nayan Singh Munda Death से सोड़ो पंचायत में शोक
नयन सिंह मुंडा को स्थानीय स्तर पर मिलनसार और लोगों से जुड़कर रहने वाले जनप्रतिनिधि के रूप में याद किया जा रहा है। उनके निधन से परिचितों, समर्थकों और पंचायत क्षेत्र के लोगों में दुख का माहौल है।
उनके प्रति लोगों का लगाव केवल उनके मुखिया पद तक सीमित नहीं था। स्थानीय लोगों के लिए वे परिवार के सदस्य जैसे थे और अलग-अलग रिश्तों से उन्हें याद किया जा रहा है।
Nayan Singh Munda Death: पंचायत चुनाव में रहा लंबा सफर
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, झारखंड गठन के बाद वर्ष 2010 में हुए पहले त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में नयन सिंह मुंडा मुखिया निर्वाचित हुए थे। बाद में महिला आरक्षण के कारण उनकी पत्नी सुभाषिनी देवी मुखिया पद पर निर्वाचित हुईं।
वर्ष 2021 के पंचायत चुनाव में नयन सिंह मुंडा फिर से सोड़ो पंचायत के मुखिया चुने गए, जबकि उनकी पत्नी सुभाषिनी देवी ईचागढ़ पूर्वी से जिला परिषद सदस्य निर्वाचित हुईं। इस तरह पंचायत और जिला परिषद में पति-पत्नी की निर्वाचित भूमिका का उल्लेख स्थानीय रिपोर्ट में किया गया है।
जनप्रतिनिधियों ने जताया शोक
प्रखंड प्रमुख गुरुपद मार्डी और उप प्रमुख दीपक कुमार साहू सहित पंचायत प्रतिनिधियों एवं अन्य जनप्रतिनिधियों ने नयन सिंह मुंडा के निधन पर शोक व्यक्त किया। प्रखंड प्रमुख गुरुपद मार्डी ने उन्हें लोकप्रिय जनप्रतिनिधि बताते हुए कहा कि क्षेत्र के लोग उन्हें लंबे समय तक याद रखेंगे।
उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति और शोक संतप्त परिवार को इस कठिन समय में दुख सहने की शक्ति मिलने की कामना की। नयन सिंह मुंडा के निधन को सोड़ो पंचायत और आसपास के क्षेत्र के लिए बड़ी क्षति के रूप में देखा जा रहा है।
अंतिम संस्कार को लेकर दी गई जानकारी
रिपोर्ट में बताया गया है कि अस्पताल से पार्थिव शरीर को उनके गांव सोड़ो ले जाने के बाद सुवर्णरेखा नदी में अंतिम संस्कार किए जाने की बात कही गई थी। हालांकि, अंतिम संस्कार संपन्न होने की पुष्टि उपलब्ध विवरण में नहीं है।
नयन सिंह मुंडा के निधन के बाद क्षेत्र के लोगों ने उनके सरल व्यवहार, सामाजिक जुड़ाव और जनसेवा को याद किया। उनके परिवार, मित्रों और शुभचिंतकों के प्रति संवेदना व्यक्त की जा रही है।
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