
Nayan Singh Munda के निधन के बाद मंगलवार को झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले के ईचागढ़ प्रखंड स्थित सोड़ो गांव में शोक का माहौल रहा। सोड़ो पंचायत के मुखिया नयन सिंह मुंडा का अंतिम संस्कार स्वर्णरेखा नदी के तट पर किया गया। अंतिम विदाई में पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोध कांत सहाय, जिला परिषद के पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों और हजारों ग्रामीणों ने शामिल होकर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
Nayan Singh Munda के अंतिम संस्कार में उमड़े लोग
नयन सिंह मुंडा का निधन सोमवार को ब्रह्मानंद नारायणा अस्पताल में हुआ था। निधन की खबर फैलने के बाद सोड़ो पंचायत सहित पूरे ईचागढ़ प्रखंड में शोक की लहर दौड़ गई। सोमवार देर रात उनका पार्थिव शरीर पैतृक गांव सोड़ो लाया गया, जहां मंगलवार सुबह से श्रद्धांजलि देने के लिए लोगों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हुआ।
पूर्व केंद्रीय मंत्री और रांची के पूर्व सांसद सुबोध कांत सहाय, सरायकेला-खरसावां जिला परिषद अध्यक्ष सोनाराम बोदरा, उपाध्यक्ष मधुश्री महतो, जिला परिषद सदस्य ज्योतिलाल मांझी, सविता मार्डी, मालती देवगम और झींगी हेम्ब्रम सहित कई जनप्रतिनिधि गांव पहुंचे। ईचागढ़ प्रखंड प्रमुख गुरुपद मार्डी, उप प्रमुख दीपक कुमार साव और भाजपा नेता हरेलाल महतो ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की।
इसके अलावा मुखिया लक्ष्मी देवी, बिपिन सिंह मुंडा, गंगामानी देवी, राखोहरी सिंह मुंडा, अभिराम हेम्ब्रम और किसून किस्कू सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित किए। लोगों ने शोक संतप्त परिवार के सदस्यों को सांत्वना दी।

Nayan Singh Munda का पंचायत राजनीति में रहा योगदान
नयन सिंह मुंडा सोड़ो पंचायत के मुखिया के रूप में कई वर्षों तक सक्रिय रहे। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, झारखंड राज्य गठन के बाद वर्ष 2010 में हुए त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में वह सोड़ो पंचायत के मुखिया निर्वाचित हुए थे। उसी चुनाव में उनकी पत्नी सुभाषिणी देवी ईचागढ़ उत्तरी क्षेत्र से जिला परिषद सदस्य चुनी गई थीं।
वर्ष 2015 में महिला आरक्षण के कारण सोड़ो पंचायत से उनकी पत्नी सुभाषिणी देवी मुखिया निर्वाचित हुईं। इसके बाद वर्ष 2022 के पंचायत चुनाव में नयन सिंह मुंडा एक बार फिर सोड़ो पंचायत के मुखिया बने, जबकि सुभाषिणी देवी ईचागढ़ उत्तरी भाग से जिला परिषद सदस्य निर्वाचित हुईं। नयन सिंह मुंडा गांव के ग्राम प्रधान के रूप में भी कार्यरत थे।
मिलनसार स्वभाव और जनसेवा को ग्रामीणों ने किया याद
ग्रामीणों के अनुसार, नयन सिंह मुंडा मिलनसार, कर्मठ और ईमानदार जनप्रतिनिधि थे। वे जनहित के कार्यों में सक्रिय रहते थे। उनके निधन को सोड़ो पंचायत और आसपास के क्षेत्र के लिए बड़ी क्षति बताया गया। लोगों ने उनके सरल व्यवहार, समाज के प्रति समर्पण और विकास कार्यों में योगदान को याद किया।
मंगलवार दोपहर स्वर्णरेखा नदी के किनारे उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान समाजसेवी और भाजपा नेता खगेन महतो, पप्पू वर्मा, पूर्व जिला परिषद सदस्य दल गोविंद सिंह मुंडा, पूर्व मुखिया पंचानन पातर, झामुमो नेता गुप्तेश्वर महतो और कामेश्वर महतो उपस्थित रहे।
अंतिम संस्कार में समाजसेवी राम प्रसाद महतो, फटीक चंद्र गोराई, विश्वनाथ उरांव, भाजपा नेता भूषण मुर्मू, मनोरंजन महतो, गोपेश महतो, अधिवक्ता महेंद्र कुमार महतो, मुखिया प्रतिनिधि राम चरण सिंह मुंडा, आजसू नेता भोलानाथ महतो, भगत सिंह मुंडा, जगदीश महतो और रंजन दास सहित हजारों ग्रामीण शामिल हुए।
ईचागढ़ क्षेत्र में शोक की लहर
नयन सिंह मुंडा के निधन से सोड़ो गांव सहित पूरे ईचागढ़ क्षेत्र में शोक व्याप्त है। अंतिम संस्कार में उमड़ी भीड़ ने उनके प्रति स्थानीय लोगों के सम्मान और जुड़ाव को दर्शाया। ग्रामीणों ने उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए दिवंगत जनप्रतिनिधि को नम आंखों से अंतिम विदाई दी।
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