Mother’s Day Charity Program : मातृ दिवस (Mother’s Day) के खास मौके पर, जहां एक ओर दुनिया भर में मां के प्रेम को सेलिब्रेट किया जा रहा था, वहीं दूसरी ओर ‘प्रयास एक नई पहल’ संस्था ने खप्परसाई गांव के जरूरतमंद बच्चों पर मातृत्व जैसा ही स्नेह लुटाया। चिलचिलाती धूप और भीषण गर्मी से नौनिहालों को बचाने के लिए संस्था ने एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया, जिसमें बच्चों को न सिर्फ छाते बांटे गए, बल्कि ज्ञान की रौशनी फैलाने के लिए पुस्तकों और वस्त्रों का भी वितरण किया गया। यह पहल पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।
ग्रीष्म ऋतु में राहत की फुहार: बच्चों के खिले चेहरे
चिलचिलाती धूप में जब घर से बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है, तब ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को स्कूल या ट्यूशन जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए ‘प्रयास एक नई पहल’ ने खप्परसाई गांव में यह पुनीत कार्य किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए संस्था की सचिव सीमा टिर्की ने अपने संबोधन में कहा, “हमारी संस्था का यह निरंतर प्रयास रहता है कि हर साल ग्रीष्म ऋतु में ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों के बीच छाते बांटे जाएं, ताकि धूप और बारिश उनकी शिक्षा के आड़े न आए।” रंग-बिरंगे छाते पाकर गांव के छोटे-छोटे बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे।

छाते के साथ ज्ञान की सौगात: बांटी गई पुस्तकें
इस आयोजन की सबसे खास बात यह रही कि यह सिर्फ भौतिक मदद तक सीमित नहीं था, बल्कि बच्चों के बौद्धिक विकास पर भी जोर दिया गया। बच्चों को धूप से बचाने के लिए छाते तो मिले ही, साथ ही उन्हें राज किशोर साहू द्वारा लिखित प्रेरणादायक पुस्तकों का भी वितरण किया गया।
इस अवसर पर राज किशोर साहू ने स्वयं उपस्थित होकर बच्चों का मार्गदर्शन किया। उन्होंने अपने प्रेरणादायक शब्दों में कहा, “शिक्षा ही वह एकमात्र हथियार है, जो इंसान को तरक्की का मार्ग प्रशस्त करती है। बिना शिक्षा के समाज का विकास असंभव है।”

शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य पर ज़ोर
कार्यक्रम में उपस्थित संस्था के अन्य पदाधिकारियों ने भी बच्चों में जोश और उत्साह भरा:
- अध्यक्ष गुरमुख सिंह खोखर का विज़न: उन्होंने स्पष्ट शब्दों में संस्था के लक्ष्य को सामने रखते हुए कहा, “हम सब का एकमात्र लक्ष्य यही है कि गांव के बच्चे पढ़-लिखकर शिक्षित बनें और एक मजबूत राष्ट्र के निर्माण में अपना योगदान दें।”
- कोषाध्यक्ष संध्या सुरीन की अपील: उन्होंने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि वे अपना पूरा ध्यान पढ़ाई पर केंद्रित करें, क्योंकि यही उनके सपनों को उड़ान देगी।
- दिव्या शर्मा का मोटिवेशन: उन्होंने भी बच्चों से बातचीत की और उन्हें उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया।

स्नेह और सहयोग: वस्त्र वितरण और निस्वार्थ सेवा
मातृ दिवस का यह कार्यक्रम तब और भी खास हो गया जब नेहा निषाद ने अपनी ओर से बच्चों के बीच सुंदर वस्त्रों का वितरण किया। नए कपड़े पाकर बच्चों की खुशी दोगुनी हो गई।
इस सफल आयोजन के पीछे कई गुमनाम नायकों की भी मेहनत रही। कार्यक्रम को सफल बनाने में जोबा मल्लिक, शीतल, और आस्था का सहयोग बेहद सराहनीय रहा।
‘राधिका देवगम’ – गांव की असली ‘सुपरहीरो’
इस पूरे कार्यक्रम में एक नाम जो सबसे ज्यादा उभर कर सामने आया, वह है राधिका देवगम का। राधिका गांव के बच्चों को प्रतिदिन फ्री कोचिंग क्लास (Free Coaching) देकर उनके भविष्य को संवारने का जो निस्वार्थ कार्य कर रही हैं, उसकी सभी अतिथियों ने भूरि-भूरि प्रशंसा की। प्रयास संस्था ने उनके इस जज्बे को सलाम किया।
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