Widow Pension : सरकारी योजनाओं के डिजिटल होते दौर में एक छोटे से मानवीय लिपिकीय दोष (clerical error) का खामियाजा किस कदर किसी गरीब को भुगतना पड़ता है, इसका जीता-जागता उदाहरण पोटका प्रखंड में देखने को मिला। प्रखंड के राजदोहा गांव की रहने वाली एक असहाय विधवा महिला को पेंशन स्वीकृत होने के बावजूद पूरे एक साल से अधिक समय तक फूटी कौड़ी तक नहीं मिली। वजह केवल इतनी थी कि सरकारी कागजों या तकनीकी प्रविष्टि के दौरान उनके बैंक खाता संख्या का एक अंक गलत दर्ज हो गया था।
साल भर तक दफ्तरों और बैंक के चक्कर काटकर थक चुकी पीड़िता ने जब जनप्रतिनिधि का दरवाजा खटखटाया, तब जाकर प्रशासनिक मशीनरी हरकत में आई और अब उनकी रुकी हुई पेंशन राशि के भुगतान का रास्ता साफ हो सका है।
पति के निधन के बाद शुरू हुआ संघर्ष
मामला राजदोहा गांव निवासी फुलमनी पात्र (पति- स्वर्गीय पूर्ण चन्द्र पात्र) से जुड़ा है। पति के देहांत के बाद परिवार के भरण-पोषण और आर्थिक तंगी से जूझ रही फुलमनी पात्र ने सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत वर्ष 2025 में विधवा पेंशन के लिए विधिवत आवेदन दिया था। विभागीय जांच और प्रक्रियाओं के बाद प्रशासन द्वारा उनकी पेंशन स्वीकृत भी कर दी गई।
स्वीकृति मिलने के बाद बुजुर्ग महिला को उम्मीद थी कि अब हर महीने मिलने वाली सहायता राशि से उनकी दवा और दैनिक खर्चों में राहत मिलेगी। लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी उनके खाते में एक भी किस्त नहीं पहुंची। जब भी वह बैंक या प्रज्ञा केंद्र जातीं, उन्हें खाता खाली होने की बात कहकर लौटा दिया जाता। बाद में पड़ताल करने पर पता चला कि बैंक खाता संख्या में महज एक डिजिट गलत दर्ज होने के कारण ट्रेजरी से भेजी जा रही राशि उनके खाते में क्रेडिट नहीं हो पा रही थी।
समाधान की आस में पहुंचीं पूर्व जिला पार्षद के पास
एक साल से अधिक समय तक लगातार परेशान रहने और कोई ठोस रास्ता न दिखने पर पीड़िता समाजसेवी अमित पात्र के साथ क्षेत्र के पूर्व जिला पार्षद करुणामय मंडल के पास पहुंचीं। उन्होंने पूर्व पार्षद को अपनी आपबीती सुनाई और बताया कि किस तरह योजना मंजूर होने के बावजूद वह दाने-दाने और दवा के लिए मोहताज हैं।
मामले की गंभीरता और बुजुर्ग महिला की लाचारी को देखते हुए पूर्व जिला पार्षद करुणामय मंडल ने तनिक भी देर नहीं की। वे फौरन पीड़िता और समाजसेवी अमित पात्र को साथ लेकर प्रखंड मुख्यालय पहुंचे और सीधे प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) से मुलाकात की।
BDO ने लिया त्वरित एक्शन, बैंक को पत्र भेजने का निर्देश
पूर्व जिला पार्षद ने प्रखंड विकास पदाधिकारी को पूरे प्रकरण से विस्तार से अवगत कराया। उन्होंने बीडीओ को बताया कि पीड़िता की पेंशन स्वीकृत है, लेकिन बैंक खाते के एक गलत अंक के चलते राशि अटकी हुई है, जिससे गरीब महिला भारी मानसिक व आर्थिक प्रताड़ना झेल रही है।
प्रखंड विकास पदाधिकारी ने मामले को बेहद संवेदनशीलता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई के आदेश दिए। उन्होंने तत्काल संबंधित विभाग के प्रभारी पदाधिकारी कौशिक बाबू को तलब किया और निर्देश दिया कि संबंधित बैंक प्रबंधन को फौरन आधिकारिक पत्र निर्गत किया जाए। बीडीओ ने स्पष्ट रूप से कहा कि बैंक खाते के विवरण में आवश्यक सुधार कर तकनीकी अड़चन को अविलंब दूर किया जाए, ताकि पीड़िता के खाते में अब तक की बकाया सभी किस्तों का एकमुश्त और त्वरित भुगतान सुनिश्चित हो सके।
प्रशासन के इस त्वरित हस्तक्षेप के बाद बुजुर्ग महिला की आंखों में राहत के आंसू दिखे। मौके पर पूर्व जिला पार्षद करुणामय मंडल के साथ समाजसेवी अमित पात्र भी मौजूद रहे, जिन्होंने इस जनहित के मुद्दे को प्रमुखता से उठाने में सहयोग किया।
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