सरायकेला जिला शिक्षा विभाग में कार्यरत आउटसोर्सिंग कर्मियों का Saraikela Salary विवाद सामने आया है। पिछले चार महीने से वेतन नहीं मिलने से आर्थिक संकट का सामना कर रहे कर्मियों ने सोमवार को उपायुक्त की अध्यक्षता में आयोजित शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में हिस्सा नहीं लिया। कर्मियों ने इससे पहले जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) को पत्र लिखकर अपनी परेशानी बताते हुए बैठक में शामिल होने में असमर्थता जताई थी।
कर्मियों ने पत्र में वेतन भुगतान में लगातार हो रही देरी और इसके कारण पैदा हुई आर्थिक परेशानियों का उल्लेख किया। उनका कहना है कि समय पर भुगतान नहीं होने से परिवार का खर्च चलाना और रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना मुश्किल हो गया है।

Saraikela Salary: चार महीने से वेतन का इंतजार
आउटसोर्सिंग कर्मियों के अनुसार, उन्हें पिछले चार महीनों से नियमित वेतन नहीं मिला है। उनका कहना है कि जब भी भुगतान किया जाता है, तो केवल एक महीने का वेतन दिया जाता है। इससे पुराने बकाये का निपटारा नहीं हो पा रहा है और लंबित राशि लगातार बढ़ती जा रही है।
कर्मियों ने बताया कि सीमित वेतन और भुगतान में देरी के कारण उनकी आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है। परिवार का भरण-पोषण करने के साथ रोजमर्रा की आवश्यकताओं को पूरा करना भी चुनौती बन गया है।
वेतन नहीं मिलने से आर्थिक और मानसिक परेशानी
कर्मियों के मुताबिक, त्योहारों के मौसम में वेतन नहीं मिलने से उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं। आर्थिक तंगी के साथ उन्हें मानसिक तनाव का भी सामना करना पड़ रहा है।
उनका कहना है कि समय पर वेतन मिलना जरूरी है, ताकि वे घरेलू जिम्मेदारियों को पूरा कर सकें। लगातार भुगतान लंबित रहने से उनकी वित्तीय स्थिति पर असर पड़ रहा है।
वेतन भुगतान की समस्या के कारण समीक्षा बैठक से दूरी
कर्मियों ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को भेजे पत्र में बताया कि वेतन भुगतान से जुड़ी समस्या को राज्य कार्यालय और राज्य सरकार तक पहुंचाने के लिए विभिन्न माध्यमों से प्रयास किए जा रहे हैं। इसी परिस्थिति के कारण वे उपायुक्त की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में शामिल नहीं हो सके।
कर्मियों ने अपनी अनुपस्थिति को मजबूरी बताते हुए वेतन भुगतान की समस्या के समाधान की जरूरत पर जोर दिया। हालांकि, बैठक में उनकी अनुपस्थिति और वेतन बकाये को लेकर विभाग या संबंधित एजेंसी की ओर से कोई प्रतिक्रिया उपलब्ध जानकारी में शामिल नहीं है।
बकाया वेतन के पूर्ण भुगतान की मांग
आउटसोर्सिंग कर्मियों ने जिला शिक्षा पदाधिकारी से उनकी स्थिति पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने की अपील की है। उन्होंने संबंधित एजेंसी और विभाग को जरूरी निर्देश देकर लंबित वेतन का पूरा भुगतान सुनिश्चित कराने का अनुरोध किया है।
इसके साथ ही कर्मियों ने भविष्य में वेतन नियमित रूप से दिए जाने की व्यवस्था करने की मांग की, ताकि उन्हें बार-बार आर्थिक संकट का सामना न करना पड़े और वे अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर सकें।
कर्मियों को उम्मीद है कि विभाग इस मामले में जल्द पहल करेगा और लंबित वेतन की समस्या का समाधान निकालेगा। फिलहाल उनकी प्रमुख मांग चार महीने के बकाये का भुगतान और आगे समय पर वेतन मिलने की व्यवस्था करना है।
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