चांडिल में Chandil Water Crisis गहराता जा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पिछले करीब 15 दिनों से पेयजलापूर्ति ठप है। दुर्गापूजा और लक्ष्मी पूजा जैसे त्योहार बीतने के बाद भी नलों से पानी नहीं मिलने के कारण लोगों की परेशानी बढ़ गई है। स्थानीय नागरिकों ने पेयजल एवं स्वच्छता विभाग (पीएचईडी) से जल्द जलापूर्ति बहाल करने की मांग की है।

Chandil Water Crisis: 15 दिनों से जलापूर्ति ठप
चांडिल में पेयजल की समस्या से रोजमर्रा का जीवन प्रभावित हो रहा है। लोगों को खाना बनाने, नहाने, कपड़े धोने और घरों की साफ-सफाई जैसे जरूरी कामों के लिए पानी जुटाने में कठिनाई हो रही है। जिन परिवारों के पास पानी की अपनी वैकल्पिक व्यवस्था नहीं है, उन्हें अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों की नाराजगी इसलिए भी बढ़ रही है क्योंकि दुर्गापूजा के दौरान भी नियमित जलापूर्ति नहीं हुई। इसके बाद लक्ष्मी पूजा भी बीत गई, लेकिन पानी की आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। लोगों का कहना है कि पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ रहा है।
Chandil Water Crisis का मामला शांति समिति की बैठकों में भी उठा
स्थानीय स्तर पर पेयजल संकट का मुद्दा पहले भी उठता रहा है। अनुमंडल सभागार में आयोजित शांति समिति की बैठकों में नागरिक नियमित रूप से इस समस्या को दूर करने की मांग करते रहे हैं। इसके बावजूद अब तक अपेक्षित सुधार नहीं होने से लोगों में निराशा है।
लोगों को उम्मीद थी कि बैठकों में मामला उठने के बाद संबंधित विभाग समस्या के समाधान के लिए प्रभावी कदम उठाएगा। लेकिन करीब 15 दिनों से जलापूर्ति प्रभावित रहने के कारण त्योहारों के दौरान भी लोगों को पानी की किल्लत झेलनी पड़ी।
त्योहारों के दौरान भी नहीं मिला पीएचईडी का पानी
दुर्गापूजा के समय चांडिल के विभिन्न पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी थी। ऐसे अवसर पर पेयजल की जरूरत भी महत्वपूर्ण रहती है, लेकिन जलापूर्ति ठप रहने से स्थानीय लोगों को वैकल्पिक इंतजामों पर निर्भर रहना पड़ा।
दुर्गापूजा समाप्त होने के बाद लोगों को उम्मीद थी कि जल्द पानी मिलने लगेगा। हालांकि, लक्ष्मी पूजा बीतने के बाद भी स्थिति में बदलाव नहीं आया। इस कारण संबंधित विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
अरुण कुमार बागड़िया और गोबर्धन पांडे ने जताई चिंता
चांडिल के समाजसेवी अरुण कुमार बागड़िया ने पेयजलापूर्ति बहाल करने में हो रही देरी पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि बुनियादी सुविधा के लिए लोगों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ रहा है, जिससे आम नागरिकों की मुश्किलें बढ़ रही हैं।
चांडिल निवासी गोबर्धन पांडे ने भी त्योहारों के दौरान पर्याप्त पेयजल व्यवस्था की जरूरत पर जोर दिया। उनके अनुसार, जलापूर्ति प्रभावित रहने से लोगों को रोजमर्रा की आवश्यकताओं के लिए पानी जुटाने में परेशानी हो रही है।
पीएचईडी से जल्द जलापूर्ति बहाल करने की मांग
स्थानीय नागरिकों ने पीएचईडी से पेयजलापूर्ति ठप होने के कारणों का पता लगाने और जल्द समस्या दूर करने की मांग की है। उनका कहना है कि स्वच्छ पेयजल हर परिवार की बुनियादी जरूरत है और इसकी आपूर्ति बहाल करने को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
फिलहाल जलापूर्ति बंद होने के सटीक कारण और इसे बहाल करने की संभावित तारीख की जानकारी उपलब्ध नहीं है। ऐसे में लोगों को विभाग की ओर से ठोस कार्रवाई और राहत मिलने का इंतजार है।
चांडिल और आसपास की अन्य खबरों के लिए चांडिल में जयपुर एक्सप्रेस से जुड़ी खबर और खरसावां क्षत्रिय सम्मेलन की रिपोर्ट पढ़ें। पेयजल और स्वच्छता से जुड़ी सरकारी योजनाओं की जानकारी के लिए जल जीवन मिशन की आधिकारिक वेबसाइट भी देख सकते हैं।





