Chandil Elephant से जुड़ी घटना में चांडिल वन क्षेत्र के बाना गांव में दो जंगली हाथियों ने किसानों की पककर तैयार धान की फसल को नुकसान पहुंचाया है। बीती रात खेतों में पहुंचे हाथियों ने धान खाया और पैरों से रौंदकर फसल बर्बाद कर दी। जिन किसानों को एक-दो दिनों में कटाई शुरू करनी थी, उन्हें अब आर्थिक नुकसान की चिंता सता रही है।
सुबह खेतों में पहुंचने पर किसानों को जगह-जगह धान की फसल बिखरी और रौंदी हुई मिली। प्रभावित किसानों ने वन विभाग से नुकसान का आकलन कर नियमानुसार मुआवजा देने और हाथियों को गांव तथा खेतों से दूर जंगल की ओर खदेड़ने की मांग की है।

Chandil Elephant: बाना गांव में हाथियों ने धान की फसल रौंदी
जानकारी के अनुसार, बीती रात दो जंगली हाथी बाना गांव के खेतों में घुस आए। उन्होंने किसान दीपक महतो, संतोष महतो, राजेश महतो और दिलीप महतो समेत अन्य किसानों के खेतों में लगी धान की फसल खाई और उसे पैरों से रौंद दिया।
धान की फसल पूरी तरह पक चुकी थी और किसान कटाई की तैयारी कर रहे थे। एक-दो दिनों के भीतर कटाई शुरू होने की उम्मीद थी, लेकिन रात में हाथियों के पहुंचने से महीनों की मेहनत पर पानी फिर गया। सुबह खेतों की हालत देखकर किसानों को नुकसान का अंदाजा हुआ।
बीज, खाद और मजदूरी पर खर्च की चिंता
प्रभावित किसानों के मुताबिक, धान की खेती में बीज खरीदने, खेत तैयार करने, बुआई, रोपाई, खाद और मजदूरी पर हजारों रुपये खर्च होते हैं। महीनों तक फसल की देखभाल करने के बाद उन्हें अच्छी उपज मिलने की उम्मीद थी।
किसान धान बेचकर परिवार की जरूरतें पूरी करने और खेती में लगाई गई रकम की भरपाई करने की योजना बना रहे थे। कटाई से ठीक पहले फसल नष्ट होने से अब उपज के नुकसान के साथ खेती में लगाए गए पैसे की भरपाई करना भी मुश्किल हो सकता है।
वन विभाग से मुआवजे की मांग
घटना के बाद प्रभावित किसानों ने वन विभाग से खेतों में हुए नुकसान का जल्द आकलन कराने की मांग की है। उन्होंने नियमानुसार मुआवजा देने की अपील करते हुए कहा कि फसल बर्बाद होने से उनकी आजीविका प्रभावित हुई है।
किसानों का कहना है कि समय पर आर्थिक सहायता मिलने से नुकसान की कुछ भरपाई हो सकती है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में वन विभाग की ओर से मुआवजे के आकलन या भुगतान को लेकर किसी कार्रवाई की पुष्टि नहीं की गई है।
हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ने की अपील
किसानों ने वन विभाग से जंगली हाथियों की आवाजाही पर निगरानी बढ़ाने और उन्हें गांव तथा खेतों से दूर जंगल की ओर खदेड़ने की मांग की है। ग्रामीणों को आशंका है कि यदि हाथियों का गांव में आना जारी रहा, तो आने वाले दिनों में दूसरे किसानों की फसल भी बर्बाद हो सकती है।
ग्रामीणों ने फसलों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने की अपील की है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी में हाथियों को हटाने के लिए वन विभाग की ओर से उठाए गए कदमों का विवरण नहीं है।
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बाना गांव के प्रभावित किसानों को अब फसल नुकसान के आकलन और मुआवजे से संबंधित कार्रवाई का इंतजार है। वन विभाग की ओर से उठाए जाने वाले कदम आने वाले दिनों में किसानों की फसल सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण होंगे।





