पीपल फ़ॉर चेंज द्वारा बिरसानगर ज़ोन 8, रविदास कॉलोनी स्थित सामुदायिक विकास भवन (हनुमान मंदिर के पास) में डिजिटल शिक्षा लैब (Digital Shiksha Lab) के अंतर्गत समावेशी डिजिटल साक्षरता एवं कौशल विकास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम प्रोजेक्ट शिक्षा, बेंगलुरु के सहयोग से आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य वंचित और हाशिए पर खड़े समुदायों के बच्चों, युवाओं और महिलाओं को डिजिटल शिक्षा से जोड़ना था।
कार्यक्रम की शुरुआत डिजिटल शिक्षा लैब के उद्घाटन हेतु रिबन कटिंग से हुई, जिसे मुख्य अतिथि श्रीमती अंजुला सी. जुनेजा, अतिरिक्त निदेशक (Additional Director), प्रोजेक्ट शिक्षा, द्वारा संपन्न किया गया। रिबन कटिंग के साथ ही डिजिटल शिक्षा लैब का औपचारिक उद्घाटन किया गया।
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पीपल फ़ॉर चेंज लंबे समय से इस क्षेत्र में युवाओं, किशोर-किशोरियों, महिलाओं और बच्चों के साथ निरंतर कार्य करती आ रही है और समुदाय के साथ विश्वासपूर्ण संबंध बनाते हुए शिक्षा एवं सशक्तिकरण से जुड़े कई कार्यक्रम संचालित कर रही है। इसी क्रम में डिजिटल शिक्षा लैब की शुरुआत की गई, ताकि समुदाय के वंचित और हाशिए पर खड़े वर्गों को तकनीकी ज्ञान और डिजिटल कौशल से सशक्त बनाया जा सके।
डिजिटल शिक्षा लैब के अंतर्गत 20 शिक्षार्थी—जिनमें लड़कियाँ, लड़के, महिलाएँ, युवा एवं किशोर-किशोरियाँ शामिल हैं—नियमित रूप से कंप्यूटर शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। कार्यक्रम में कुल 100 से अधिक लोगों की सहभागिता रही, जिनमें कंप्यूटर सीखने के इच्छुक युवा, बालिकाएँ, महिलाएँ, महिला विकास समिति की अध्यक्षा, समुदाय के वरिष्ठ एवं युवा प्रतिनिधि, मीडिया प्रतिनिधि तथा अभिभावक शामिल थे। यह सहभागिता समुदाय में डिजिटल शिक्षा की बढ़ती आवश्यकता और स्वीकार्यता को दर्शाती है।
अपने संबोधन में मुख्य अतिथि श्रीमती अंजुला सी. जुनेजा ने कहा कि समावेशी, डिजिटल और कौशल-आधारित शिक्षा ही हाशिए पर खड़े समुदायों के लिए सम्मानजनक भविष्य का मार्ग प्रशस्त कर सकती है। उन्होंने last-mile education तक पहुँच सुनिश्चित करने वाली ऐसी पहलों को सामाजिक असमानताओं को कम करने में महत्वपूर्ण बताया और प्रोजेक्ट शिक्षा के कार्यों की सराहना की।
इस अवसर पर प्रोजेक्ट शिक्षा की फाउंडर एवं डायरेक्टर नेहा चावला कार्यक्रम में उपस्थित नहीं हो सकीं, परंतु उन्होंने इस पहल को लेकर एक संदेश साझा किया। अपने संदेश में उन्होंने कहा,
“प्रोजेक्ट शिक्षा में हम जो भी डिजिटल लैब स्थापित करते हैं, वह सीखने में समानता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होता है। पीपल फ़ॉर चेंज एवं झारखंड के अन्य सामाजिक संगठनों के साथ हमारी निरंतर साझेदारी हमें उन बच्चों तक डिजिटल शिक्षा पहुँचाने में सक्षम बना रही है, जो वैश्विक स्तर के शिक्षार्थियों के समान अवसरों के हक़दार हैं। इस पहल के माध्यम से हमारा उद्देश्य अंतिम पंक्ति तक डिजिटल साक्षरता की एक मज़बूत कहानी गढ़ना है, ताकि तकनीक शिक्षा में बाधा नहीं, बल्कि सेतु बन सके।”

उन्होंने यह भी साझा किया कि बेंगलुरु आधारित प्रोजेक्ट शिक्षा वर्तमान में कर्नाटक, तमिलनाडु और झारखंड में 28 डिजिटल शिक्षा केंद्रों के माध्यम से 6,000 से अधिक छात्रों को डिजिटल एवं 21वीं सदी के कौशल से सशक्त कर चुकी है, जिससे 50,000 से अधिक लोगों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है।
डिजिटल शिक्षा लैब की स्थापना और संचालन में स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी अत्यंत सराहनीय रही। इस सामुदायिक विकास भवन को सशक्त बनाने में स्थानीय युवाओं, महिला विकास समिति एवं समुदाय के अन्य सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। स्थानीय युवाओं द्वारा चंदा संग्रह कर आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की गईं।
इस पूरे प्रयास में महिला विकास समिति की अध्यक्षा एवं समाज सेविका सुलोचना मुंडा, जो बिरसानगर ज़ोन 8 की निवासी हैं, की भूमिका विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। वे वर्षों से समाजसेवा के कार्यों में सक्रिय रही हैं—जिनमें बच्चों को निःशुल्क ड्रॉइंग क्लास दिलाना, गरीब परिवारों की बेटियों की शादी में सहयोग करना तथा कम उम्र में होने वाली शादियों को रोकने के प्रयास शामिल हैं। डिजिटल शिक्षा लैब के संचालन के लिए उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि बच्चों को पढ़ाई में कोई कठिनाई न हो, इसके लिए कक्षा में पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था की गई, जिससे बच्चे कंप्यूटर को स्पष्ट रूप से देख सकें और बेहतर ढंग से सीख सकें। उनका योगदान पूरे समुदाय के लिए प्रेरणादायी रहा।
डिजिटल शिक्षा लैब के माध्यम से प्रतिभागियों को व्यावहारिक कंप्यूटर प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है, जिससे वे भविष्य में शिक्षा, रोज़गार, सरकारी सेवाओं और व्यक्तिगत विकास के लिए तकनीक का प्रभावी उपयोग कर सकें। यह पहल समुदाय के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हो रही है।

इसी विस्तार के तहत प्रोजेक्ट शिक्षा के सहयोग से झारखंड में तीन नए डिजिटल शिक्षा लैब शुरू किए जाने की योजना साझा की गई—बिरसानगर में पीपल फ़ॉर चेंज, जादूगोड़ा भाटिन में लुगु मुर्मू ट्रस्ट तथा सुंदरनगर में जमशेदपुर क्वीर सर्कल के साथ। इनमें से एक डिजिटल शिक्षा लैब का उद्घाटन आज बिरसानगर स्थित सामुदायिक विकास भवन में किया गया, ताकि वंचित और हाशिए पर खड़े समुदायों के बच्चों एवं युवाओं तक समावेशी डिजिटल शिक्षा की पहुँच सुनिश्चित की जा सके।
पीपल फ़ॉर चेंज भविष्य में भी समुदाय के साथ मिलकर ऐसे समावेशी, सहभागी और दीर्घकालिक कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि कोई भी बच्चा, युवा या महिला डिजिटल युग में पीछे न छूटे।



