जमशेदपुर – टाटा स्टील की माइंस ने 42वें वार्षिक खदान सुरक्षा सप्ताह-2024 के प्री-फाइनल दिवस पर शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 38 पुरस्कार हासिल किए। यह आयोजन शनिवार को खान सुरक्षा महानिदेशालय (डीजीएमएस), भुवनेश्वर क्षेत्र-1 के तत्वावधान में आयोजित किया गया।
इस आयोजन में टाटा स्टील की जोड़ा ईस्ट आयरन माइन ने ए-1 श्रेणी में इलेक्ट्रिकल मेंटेनेंस में प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं, काटामाटी और खोंदबोंद माइंस ने सामान्य कार्यप्रणाली श्रेणी में क्रमशः प्रथम और द्वितीय स्थान हासिल किया।
चार-चार पुरस्कार जीते प्रमुख खदानों ने
जोड़ा ईस्ट आयरन माइन, काटामाटी आयरन माइन और जोड़ा वेस्ट ने चार-चार पुरस्कार अपने नाम किए। खोंदबोंद आयरन माइन ने सुरक्षा और संचालन में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए तीन प्रतिष्ठित पुरस्कार जीते।
अन्य खदानों का प्रदर्शन भी सराहनीय
ए-4 और ए-5 श्रेणी में तिरिंगपहाड़, कमारदा और सरूआबिल माइंस ने छह-छह पुरस्कार प्राप्त किए। वहीं, बामेबारी माइन ने चार पुरस्कार जीतकर अपनी क्षमता का परिचय दिया। इस बार भुवनेश्वर क्षेत्र-1 के अंतर्गत आने वाली 63 माइंस ने कुल 192 पुरस्कार जीते।
क्विज और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी हुए आयोजित
पुरस्कार वितरण समारोह से पहले क्विज और फर्स्ट-एड प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। इसके अलावा, विभिन्न दलों द्वारा नृत्य और रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति ने दर्शकों का दिल जीत लिया।
मुख्य अतिथियों ने सराहा प्रयास
कार्यक्रम में प्रमुख अतिथि खदान सुरक्षा निदेशक (डीएमएस) कृष्णेंदु मंडल, सेल के जॉयदेव चटोपाध्याय, जेएसपी के प्रमोद कुमार पात्रा, कश्वी इंटरनेशनल के डीएन परिदा और जेएसडब्ल्यू के रामशंकर शर्मा उपस्थित थे। टाटा स्टील की ओर से जीएम (ओएमक्यू) अतुल कुमार भटनागर, जोड़ा के चीफ राजेश कुमार, खोंदबोंद के चीफ जीवी सत्यनारायण, नोआमुंडी के चीफ डी विजयेंद्र और अन्य वरिष्ठ अधिकारी व यूनियन प्रतिनिधि शामिल हुए।
इस अवसर पर अतिथियों ने खदान सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए टाटा स्टील के प्रयासों की सराहना की।