चांडिल : सरायकेला-खरसावां जिले के चौका में सार्वजनिक श्रीश्री नवदुर्गा पूजा समिति की ओर से शारदीय नवरात्र के पहले दिन रविवार को कलश स्थापना के साथ मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की विधिवत पूजा-अर्चना की गई। इस अवसर पर पूजा पंडाल का उद्घाटन किया गया। कलश यात्रा, चंडी पाठ और रामकथा प्रवचन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
पूजा पंडाल का उद्घाटन, निकली कलश यात्रा
चौका में नवरात्र पूजा के शुभारंभ पर सुबह पुरोहित जयंत चटर्जी ने फीता काटकर और नारियल फोड़कर पूजा पंडाल का उद्घाटन किया। इसके बाद गाजे-बाजे के साथ कलश यात्रा निकाली गई। कलश स्थापना के साथ ही विधि-विधान से पूजा-अर्चना शुरू हुई।
नवरात्र के प्रथम दिन मां शैलपुत्री की पूजा के साथ मंदिर परिसर में चंडी पाठ का आयोजन किया गया। दोपहर बाद रामकथा प्रवचन शुरू हुआ, जिसे सुनने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। शाम को आयोजित महाआरती में भी भक्तों की भीड़ उमड़ी। श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा की आराधना कर परिवार और समाज की सुख-समृद्धि की कामना की।

महालया पर पारंपरिक नृत्य से हुआ देवी का आह्वान
चौका मोड़ में महालया के अवसर पर पारंपरिक दस नृत्यों के माध्यम से मां दुर्गा का आह्वान किया गया था। समिति की परंपरा के अनुसार, दुर्गोत्सव के दौरान प्रत्येक वर्ष धार्मिक प्रवचन का आयोजन किया जाता है। इससे क्षेत्र में भक्तिमय माहौल बना रहता है।

सोमवार को होगी मां ब्रह्मचारिणी की पूजा
नवरात्र के दूसरे दिन सोमवार को मां दुर्गा के दूसरे स्वरूप मां ब्रह्मचारिणी की पूजा-अर्चना की जाएगी। इससे पहले कलश यात्रा निकालने की तैयारी है। नवरात्र पूजा को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह बना हुआ है।




