Saraikela Deputy Commissioner : माजना घाट पुलिया की मरम्मत का काम शुरू होने पर भाजपा नेता सुमित चौधरी ने सरायकेला के उपायुक्त के प्रति आभार जताया है। मंगलवार को उन्होंने उपायुक्त से उनके कार्यालय में मुलाकात की और पुष्पगुच्छ भेंट कर धन्यवाद दिया। इस दौरान उन्होंने शहर और आसपास के क्षेत्रों में बांस के सहारे घरों तक पहुंचाए गए बिजली के तारों की समस्या भी उठाई।
सुमित चौधरी ने इस संबंध में उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर सुरक्षित बिजली व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की।
माजना घाट पुलिया की मरम्मत से लोगों को राहत की उम्मीद
माजना घाट पुलिया पर बड़े-बड़े गड्ढे बन जाने के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही थी। खासकर पर्व-त्योहारों के दौरान आवाजाही बढ़ने से दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती थी।
सुमित चौधरी के अनुसार, उन्होंने पिछले दिनों इस समस्या से उपायुक्त को अवगत कराया था। इसके बाद उपायुक्त ने पुलिया की मरम्मत का आदेश दिया। अब मरम्मत का काम शुरू हो गया है।
इस पहल के लिए उन्होंने उपायुक्त का आभार जताया। साथ ही, उम्मीद जताई कि मरम्मत से आम लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी।
बांस के सहारे बिजली के तार पहुंचाने से सुरक्षा पर सवाल
पुलिया की मरम्मत के मुद्दे के अलावा सुमित चौधरी ने बिजली व्यवस्था से जुड़ी समस्या भी सामने रखी। उन्होंने बताया कि हंसवाड़ी क्षेत्र के टोटल सिटी कॉलोनी, पंचवटी नगर, बिरंचीपुर और सरायकेला प्रखंड कार्यालय के आसपास कई जगहों पर बांस के सहारे घरों तक बिजली के तार पहुंचाए गए हैं।
उनके मुताबिक, कुछ स्थानों पर जर्जर तार बांस के सहारे झूल रहे हैं। इससे स्थानीय निवासियों, बच्चों और राहगीरों की सुरक्षा को खतरा हो सकता है।
उन्होंने कहा कि बिजली के तारों की ऐसी अस्थायी व्यवस्था का जल्द समाधान जरूरी है। इसके लिए सुरक्षित और स्थायी व्यवस्था की जानी चाहिए।
स्थायी बिजली खंभे लगाने की मांग
सुमित चौधरी ने उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर संबंधित क्षेत्रों में बांस के सहारे लगाए गए बिजली के तारों को हटाने और उनकी जगह स्थायी बिजली खंभे लगाने की मांग की।
उन्होंने कहा कि बिजली जैसी आवश्यक सुविधा की व्यवस्था सुरक्षित होनी चाहिए। इससे लोगों को दुर्घटना की आशंका के बीच रहने से राहत मिल सकती है।
बिजली विभाग को भी सौंपा आवेदन
इस समस्या के समाधान के लिए सुमित चौधरी ने बिजली विभाग को भी अलग से आवेदन दिया है। अब संबंधित विभाग की कार्रवाई का इंतजार है।
स्थानीय लोगों की सुरक्षा को देखते हुए जर्जर तारों और अस्थायी बिजली व्यवस्था की जांच आवश्यक है। यदि इन स्थानों पर असुरक्षित व्यवस्था पाई जाती है, तो उसे दुरुस्त करने से दुर्घटनाओं का खतरा कम करने में मदद मिल सकती है।




