नई दिल्ली : Cancer Drug Prices में कटौती से कैंसर के इलाज पर होने वाले खर्च में राहत मिलने की उम्मीद है। National Pharmaceutical Pricing Authority (NPPA) ने एंटी-कैंसर दवाओं के 543 ब्रांडों के संशोधित अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) जारी किए हैं। नई कीमतें 9 नवंबर 2026 से लागू होंगी। जारी सूची के अनुसार, कुछ दवाओं और इंजेक्शनों की कीमतों में लगभग 90 प्रतिशत तक की कमी की गई है। इनमें एक इंजेक्शन की कीमत ₹80,071.86 से घटाकर ₹7,150.33 कर दी गई है।
Cancer Drug Prices: ₹80 हजार का इंजेक्शन अब ₹7,150 में
संशोधित कीमतों में Samtepa 100 mg Thiotepa Injection प्रमुख उदाहरण है। इसकी पुरानी अधिकतम खुदरा कीमत ₹80,071.86 थी, जिसे घटाकर ₹7,150.33 कर दिया गया है। इस तरह इसकी कीमत में लगभग 91 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।
इस बदलाव से संबंधित दवा खरीदने वाले मरीजों को आर्थिक राहत मिल सकती है। हालांकि, वास्तविक खर्च मरीज के उपचार, निर्धारित दवा और उसकी उपलब्धता पर निर्भर करेगा।
Cancer Drug Prices की सूची में इन दवाओं के नए MRP
NPPA की जारी सूची में कई अन्य एंटी-कैंसर दवाओं की कीमतें भी संशोधित की गई हैं। प्रमुख उदाहरणों में पुरानी और नई MRP इस प्रकार हैं:
- Anarzole 1 mg: पुरानी MRP ₹695.76 से घटकर ₹73।
- Azacytin 100 mg Injection: ₹6,337 से घटकर ₹1,495.04।
- Bevacizab 100 mg/4 ml Injection: ₹21,767.70 से घटकर ₹5,930.13।
- Fludanox Injection: ₹14,235 से घटकर ₹2,432।
- Palbopro 125 mg: ₹40,421.33 से घटकर ₹2,720।
- Samtepa 100 mg Injection: ₹80,071.86 से घटकर ₹7,150.33।
- Fulbreca 50 mg Injection: ₹26,072.16 से घटकर ₹5,491।
ये कीमतें उपलब्ध कराई गई संशोधित MRP सूची के अनुसार हैं। दवा खरीदने से पहले मरीजों और उनके परिजनों को संबंधित ब्रांड, पैक और लागू अधिकतम खुदरा मूल्य की पुष्टि करनी चाहिए।
543 ब्रांडों के संशोधित MRP, आगे भी अपडेट होगी सूची
NPPA के अनुसार, जारी सूची में दवा कंपनियों की ओर से 27 अक्टूबर 2026 तक उपलब्ध कराई गई कीमतों की जानकारी शामिल है। प्राधिकरण ने यह भी बताया है कि नॉन-शेड्यूल्ड एंटी-कैंसर दवाओं के निर्माता संशोधित कीमतों की जानकारी आगे भी जमा करते रहेंगे।
इस वजह से 543 ब्रांडों की मौजूदा सूची को अंतिम और स्थायी सूची नहीं माना जाना चाहिए। कंपनियों से नई जानकारी मिलने पर इसमें आगे संशोधन हो सकता है।
Cancer Drug Prices में कटौती के पीछे क्या है वजह?
दवाओं की कीमतों में यह बदलाव केंद्र सरकार के Trade Margin Rationalisation (TMR) कदम के बाद हुआ है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, 17 अक्टूबर को 137 नॉन-शेड्यूल्ड एंटी-कैंसर दवाओं के ट्रेड मार्जिन को तर्कसंगत बनाने का फैसला किया गया था। इसके तहत संबंधित दवाओं के लिए ट्रेड मार्जिन को MRP के 30 प्रतिशत तक सीमित करने की व्यवस्था की गई।
इस कदम का उद्देश्य अत्यधिक ट्रेड मार्जिन पर नियंत्रण रखना और कैंसर के उपचार की लागत कम करने में मदद करना है। कैंसर का इलाज कई मरीजों के लिए लंबे समय तक चलने वाली प्रक्रिया हो सकता है, इसलिए महंगी दवाओं की कीमतों में कमी परिवारों के आर्थिक बोझ को कम करने में मदद कर सकती है।
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9 नवंबर से लागू होंगी नई कीमतें
NPPA की ओर से जारी संशोधित MRP 9 नवंबर 2026 से प्रभावी होगी। कीमतों में कटौती सभी कैंसर दवाओं पर समान रूप से लागू नहीं हुई है। कुछ फॉर्मुलेशन की कीमतों में बदलाव नहीं हुआ है, जबकि अन्य दवाओं में कटौती का स्तर अलग-अलग है।
मरीजों को दवा खरीदते समय पैक पर दर्ज MRP और संशोधित कीमत की जांच करनी चाहिए। किसी भी कैंसर की दवा को शुरू करने, बदलने या बंद करने का निर्णय अपने डॉक्टर की सलाह से ही लें।
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