पटना। Anant Singh News : जनता दल यूनाइटेड (JDU) से छह साल के लिए निष्कासित किए जाने के बाद मोकामा विधायक अनंत सिंह ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि उन्हें अपने किए पर कोई पछतावा नहीं है और वह खुद को गलत नहीं मानते। साथ ही उन्होंने आगामी चुनाव में जदयू की सीटों को लेकर दावा किया कि पार्टी 12 सीटों पर सिमट जाएगी और उसका खाता तक नहीं खुलेगा। हालांकि, उन्होंने नीतीश कुमार के प्रति अपना सम्मान कायम रहने की बात कही।

Anant Singh का निष्कासन पर बड़ा बयान
पार्टी से निकाले जाने के बाद अनंत सिंह ने जदयू नेतृत्व के फैसले पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पार्टी उनकी है और वह निष्कासन के फैसले पर ज्यादा कुछ नहीं कहना चाहते। उनके मुताबिक, यदि पार्टी ने उन्हें गलत मानकर कार्रवाई की है, तो वह इस पर अपनी ओर से कोई टिप्पणी नहीं करेंगे।
अनंत सिंह ने यह भी कहा कि वह कहीं भी रहें, नीतीश कुमार के प्रति उनका सम्मान बना रहेगा। उन्होंने दावा किया कि यदि नीतीश कुमार मौजूद होते, तो उन्हें पार्टी से कौन निकालता। जदयू से निष्कासन के बाद उनका यह बयान बिहार की राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है।
Anant Singh ने JDU की चुनावी संभावनाओं पर क्या कहा?
अनंत सिंह ने आगामी चुनाव को लेकर जदयू के प्रदर्शन पर बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि पार्टी 12 सीटों पर सिमट जाएगी और उसका खाता तक नहीं खुलेगा। यह उनका राजनीतिक आकलन है; इसके समर्थन में कोई चुनावी आंकड़ा उपलब्ध जानकारी में नहीं दिया गया है।
उन्होंने निशांत कुमार को लेकर भी टिप्पणी करने से इनकार किया। अनंत सिंह के अनुसार, जब पार्टी ने निष्कासन का फैसला ले लिया है, तो वह इस पर कुछ नहीं कहना चाहते। उन्होंने अपने बयान में नीतीश कुमार के प्रति सम्मान और पार्टी के फैसले को स्वीकार करने की बात दोहराई।
नीरज कुमार पर साधा निशाना, 18 साल का किया जिक्र
अनंत सिंह ने अपने निष्कासन के लिए जिम्मेदार लोगों पर निशाना साधते हुए कहा कि गलती उनकी ओर से नहीं, बल्कि दूसरी तरफ से हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि नीरज कुमार 18 वर्षों से उनके अनुसार अनुचित बयान देते रहे, लेकिन उस समय पार्टी ने कोई कार्रवाई नहीं की।
यह आरोप अनंत सिंह ने अपनी प्रतिक्रिया में लगाया है। उपलब्ध जानकारी में नीरज कुमार या जदयू नेतृत्व की ओर से इस बयान पर कोई प्रतिक्रिया शामिल नहीं है।
JDU से नहीं, केवल नीरज कुमार से विरोध का दावा
अनंत सिंह ने स्पष्ट किया कि उनका विरोध जदयू से नहीं, बल्कि नीरज कुमार से है। उन्होंने कहा कि उन्हें अपने काम पर कोई अफसोस नहीं है और जनता ही अंतिम फैसला करने वाली है। उनके मुताबिक, जनता पूरे मामले को समझती है और समय आने पर जवाब देगी।
जदयू ने इससे पहले अनंत सिंह और उनकी पत्नी नीलम देवी को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित किया था। पार्टी ने अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता समाप्त करने की अनुशंसा भी की है। सदस्यता पर अंतिम निर्णय की जानकारी उपलब्ध स्रोत में नहीं दी गई है। इस घटनाक्रम की पृष्ठभूमि जानने के लिए अनंत सिंह पर JDU की कार्रवाई की पूरी खबर पढ़ें।
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