Gamharia Crime मामले में गम्हरिया थाना परिसर में महिला से दुष्कर्म के आरोपों की जांच के दौरान पुलिसकर्मियों की भूमिका भी सवालों के घेरे में आ गई है। वायरलेस ऑपरेटर नीरज लकड़ा पर लगे आरोपों के बाद विभागीय कार्रवाई तेज हुई है और तत्कालीन थाना प्रभारी संजय प्रसाद समेत कुल 15 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है। मामले में एसआईटी जांच कर रही है।
जांच के दौरान थाना परिसर में कथित गतिविधियों और घटना के समय ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, आरोपों और जांच में सामने आए तथ्यों के अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होंगे।

Gamharia Crime: आरोपी के कमरे को किया गया सील
मामले की जांच महिला थाना की अवर निरीक्षक कुमारी तिलोत्तमा को सौंपी गई है। वहीं, एसडीपीओ के नेतृत्व में विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित की गई है। जांच के दौरान वायरलेस ऑपरेटर नीरज लकड़ा के कमरे को सील किया गया है।
कमरे के अंदर शराब की बोतल मिलने की बात सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, घटना वाले दिन आरोपी ने चिकन चिली के साथ महंगे ब्रांड की शराब का सेवन किया था। इसके बाद कथित दुष्कर्म की घटना होने का आरोप है। इन तथ्यों की जांच की जा रही है।
ओडी ऑफिसर और कांस्टेबल की भूमिका भी जांच के दायरे में
घटना की रात सब इंस्पेक्टर मनोज कुमार साहू ओडी ऑफिसर के रूप में तैनात थे, जबकि कांस्टेबल संतोष कुमार राय भी ड्यूटी पर मौजूद थे। आरोप है कि घटना के दौरान दोनों ने हस्तक्षेप नहीं किया और आरोपी को रोकने का प्रयास नहीं किया।
एसआईटी की जांच के बाद मनोज कुमार साहू और संतोष कुमार राय को गिरफ्तार कर जेल भेजे जाने की जानकारी दी गई है। इस कार्रवाई के बाद मामला केवल मुख्य आरोपी तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि थाना परिसर में मौजूद अन्य कर्मियों की जवाबदेही भी जांच का विषय बनी है।
Gamharia Crime मामले में 15 पुलिसकर्मी निलंबित
घटना के बाद विभागीय स्तर पर बड़ी कार्रवाई की गई है। तत्कालीन थाना प्रभारी संजय प्रसाद सहित कुल 15 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, तीन पुलिसकर्मी जेल पहुंच चुके हैं।
वर्तमान में गम्हरिया थाना का कामकाज नए थाना प्रभारी राजेश टुडू, एक महिला अधिकारी और कुछ जवानों के सहयोग से चल रहा है। घटना के बाद थाना परिसर में सन्नाटा रहने और फरियादियों की संख्या कम होने की बात भी सामने आई है।
थाना परिसर की व्यवस्था और जवाबदेही पर सवाल
थाना परिसर में गंभीर आरोप सामने आने के बाद पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था और विभागीय अनुशासन को लेकर स्थानीय स्तर पर सवाल उठ रहे हैं। जांच का मुख्य पहलू यह है कि घटना के दौरान किसकी क्या भूमिका थी और कथित अपराध को रोकने के लिए कोई प्रयास क्यों नहीं किया गया।
एसआईटी की जांच से घटना की परिस्थितियों और संबंधित पुलिसकर्मियों की भूमिका स्पष्ट होने की उम्मीद है। फिलहाल मामले में जांच और विभागीय कार्रवाई जारी है।
गम्हरिया थाना मामले से जुड़ी पिछली जानकारी के लिए गम्हरिया थाना दुष्कर्म मामले की विस्तृत खबर पढ़ें। वहीं, आदित्यपुर में महिला की हत्या और आरोपी की गिरफ्तारी से जुड़ी खबर भी देख सकते हैं।






