IIIT Ranchi Student Death : इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IIIT) रांची के प्रथम वर्ष के छात्र आदित्य (20) की मौत के बाद संस्थान की हॉस्टल व्यवस्था और आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं को लेकर सवाल उठे हैं। बिहार के पूर्णिया जिले के रहने वाले आदित्य की शनिवार रात खेलगांव हाउसिंग स्थित हॉस्टल में मौत हो गई। घटना के बाद विद्यार्थियों ने विरोध प्रदर्शन किया और संस्थान के निदेशक प्रो. राजीव श्रीवास्तव के इस्तीफे की मांग की। वहीं, छात्र के पिता विष्णुदेव कुमार राय ने खेलगांव थाना में प्राथमिकी दर्ज कराकर संस्थान के निदेशक और प्रबंधन से जुड़े अन्य लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
परिजनों और विद्यार्थियों ने आरोप लगाया है कि घटना के बाद छात्र को समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। हॉस्टल की लिफ्ट, एंबुलेंस, ऑक्सीजन और मेडिकल स्टाफ की उपलब्धता को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और जांच के निष्कर्ष सामने आना अभी बाकी है।
हॉस्टल के कमरे में मिला छात्र, अस्पताल में मृत घोषित
जानकारी के अनुसार, आदित्य IIIT रांची के ब्लॉक-1 स्थित हॉस्टल में रहता था। शनिवार रात उसके कमरे से प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर साथियों को चिंता हुई। इसके बाद अन्य विद्यार्थियों की मदद से कमरे के अंदर पहुंचने पर वह गंभीर अवस्था में मिला।
विद्यार्थियों ने उसे तत्काल नीचे ले जाकर अस्पताल पहुंचाने का प्रयास किया। बाद में उसे भगवान महावीर मनिपाल अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की परिस्थितियों की विस्तृत जानकारी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
लिफ्ट और आपातकालीन सुविधाओं को लेकर विद्यार्थियों ने उठाए सवाल
विद्यार्थियों का आरोप है कि बिजली कटने के दौरान हॉस्टल की लिफ्ट बंद थी, जिसके कारण छात्र को नीचे लाने में परेशानी हुई। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि परिसर में जनरेटर उपलब्ध होने के बावजूद आपातकालीन स्थिति में उसका इस्तेमाल क्यों नहीं किया गया।
छात्रों के अनुसार, आपातकालीन सहायता उपलब्ध कराने में हुई देरी की जांच होनी चाहिए। हॉस्टल में बिजली की वैकल्पिक व्यवस्था और आपातकालीन निकासी की प्रक्रिया को लेकर भी विद्यार्थियों ने चिंता जताई।
एंबुलेंस, ऑक्सीजन और मेडिकल स्टाफ की उपलब्धता पर सवाल
आदित्य के पिता विष्णुदेव कुमार राय ने प्राथमिकी में आरोप लगाया है कि हॉस्टल परिसर में खड़ी एंबुलेंस के लिए उस समय चालक उपलब्ध नहीं था और ऑक्सीजन की व्यवस्था भी नहीं थी। उन्होंने हॉस्टल में मेडिकल स्टाफ की अनुपस्थिति तथा समय पर प्राथमिक उपचार नहीं मिलने का मुद्दा उठाया।
पिता का आरोप है कि इन परिस्थितियों के कारण छात्र को आवश्यक चिकित्सा सहायता मिलने में देरी हुई। उन्होंने संस्थान के प्रबंधन से आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था की जवाबदेही तय करने और मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
मौत से पहले पिता से हुई थी वीडियो कॉल पर बातचीत
आदित्य के पिता ने बताया कि 10 अक्टूबर की रात करीब 10 बजे उनकी बेटे से वीडियो कॉल पर बातचीत हुई थी। उनके अनुसार, बातचीत के दौरान आदित्य ने हॉस्टल की कुछ असुविधाओं और परीक्षा से संबंधित बातें साझा की थीं। इसके बाद उसने खाना खाकर सोने जाने की बात कही थी।
कुछ समय बाद पिता को एक अज्ञात नंबर से फोन आया और रांची पहुंचने के लिए कहा गया। बाद में उन्हें बेटे की मौत की सूचना मिली। परिवार ने घटना की परिस्थितियों और हॉस्टल में उपलब्ध सुविधाओं की जांच की मांग की है।
पिता ने निदेशक और प्रबंधन के खिलाफ दर्ज कराई FIR
आदित्य के पिता विष्णुदेव कुमार राय पटना पुलिस के कंट्रोल रूम में दारोगा के पद पर कार्यरत बताए गए हैं। उन्होंने रविवार को खेलगांव थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई। प्राथमिकी में संस्थान के निदेशक प्रो. राजीव श्रीवास्तव और प्रबंधन से जुड़े अन्य कर्मियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।
पिता ने हॉस्टल में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों के रहने के बावजूद आपातकालीन स्थिति से निपटने की व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कथित प्रशासनिक लापरवाही और छात्र पर मानसिक दबाव की आशंका का भी उल्लेख किया है। इन आरोपों पर जांच के निष्कर्ष आने के बाद ही जिम्मेदारी निर्धारित की जा सकेगी।
छात्रों ने किया प्रदर्शन, निदेशक के इस्तीफे की मांग
घटना के बाद रविवार सुबह करीब 10:30 बजे विद्यार्थियों ने खेलगांव हाउसिंग सोसाइटी के बाहर टाटीसिल्वे-खेलगांव मुख्य मार्ग पर प्रदर्शन किया। छात्रों ने हॉस्टल की आपातकालीन सुविधाओं, एंबुलेंस की उपलब्धता और मेडिकल सहायता की व्यवस्था पर सवाल उठाए।
प्रदर्शनकारी विद्यार्थियों ने संस्थान के निदेशक के इस्तीफे की मांग की। सूचना मिलने के बाद खेलगांव थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभालने का प्रयास किया।
निदेशक ने जांच और कार्रवाई का दिया आश्वासन
रविवार दोपहर करीब एक बजे IIIT रांची के निदेशक प्रो. राजीव श्रीवास्तव प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों से मिलने पहुंचे। उन्होंने कहा कि जहां भी अनियमितता हुई है, उसकी जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
प्रभात खबर से बातचीत में निदेशक ने कहा कि प्रबंधन के लोग घटना के बाद से ही मौके पर मौजूद हैं और छात्र को 10 मिनट के भीतर अस्पताल ले जाया गया था। उन्होंने कहा कि एंबुलेंस में ऑक्सीजन और अन्य आवश्यक सामान की कमी की जानकारी उन्हें नहीं थी। ऐसी कमी सामने आने पर जांच कराई जाएगी।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के संज्ञान लेने की खबर
रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने मामले का संज्ञान लिया है। छात्र को समय पर चिकित्सा सहायता मिलने, संस्थान की आपातकालीन व्यवस्था और घटना की परिस्थितियों की जांच का मुद्दा उठाया गया है।
इस संबंध में आयोग की आधिकारिक कार्रवाई, जांच के दायरे और किसी औपचारिक आदेश की पुष्टि संबंधित आधिकारिक स्रोत से की जानी चाहिए।
परिवार में शोक, हॉस्टल की जवाबदेही पर चर्चा
आदित्य तीन भाइयों में मंझला था। उसका बड़ा भाई आकाश पटना में रहकर NEET की तैयारी कर रहा है, जबकि छोटा भाई गणेश भागलपुर में इंटरमीडिएट की पढ़ाई कर रहा है। छात्र की मौत से परिवार में शोक का माहौल है।
घटना के बाद हॉस्टल में आपातकालीन चिकित्सा सहायता, एंबुलेंस की उपलब्धता, बिजली की वैकल्पिक व्यवस्था और संस्थान की जवाबदेही जैसे मुद्दे चर्चा में हैं। अब मामले की जांच और संबंधित आरोपों पर होने वाली कार्रवाई के परिणामों पर नजर रहेगी।




