Jodapokhar Durga Puja के अवसर पर महाष्टमी के दिन श्री श्री दुर्गा पूजा समिति, जोड़ापोखर की ओर से समिति के संस्थापक सदस्यों और उनके परिजनों को सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम में समिति ने दुर्गा पूजा की परंपरा को आगे बढ़ाने में संस्थापकों के योगदान को याद करते हुए उनके प्रति आभार जताया।

Jodapokhar Durga Puja समिति का इतिहास
श्री श्री दुर्गा पूजा समिति, जोड़ापोखर की स्थापना वर्ष 1973 में स्वर्गीय महावीर गोप के नेतृत्व में हुई थी। स्थापना के बाद से समिति श्रद्धा, समर्पण और सामाजिक एकता के साथ दुर्गा पूजा का आयोजन करती आ रही है।
समिति की ओर से संस्थापक सदस्यों को सम्मानित करने का उद्देश्य उनके योगदान को याद करना और आने वाली पीढ़ियों तक इस परंपरा के महत्व को पहुंचाना रहा। संस्थापकों के प्रयासों से जुड़ी समिति की विरासत को इस अवसर पर विशेष रूप से रेखांकित किया गया।
Jodapokhar Durga Puja में संस्थापकों के योगदान को याद किया
वर्तमान दुर्गा पूजा समिति के अध्यक्ष रघुनाथ गोप और अन्य सदस्यों ने कहा कि संस्थापकों का त्याग और समर्पण आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनके अनुसार, संस्थापक सदस्यों का सम्मान करना समिति के गौरवशाली इतिहास और परंपरा के प्रति आदर व्यक्त करने का एक तरीका है।

कार्यक्रम के माध्यम से संस्थापक सदस्यों के साथ उनके परिजनों के योगदान और जुड़ाव के प्रति भी आभार व्यक्त किया गया। समिति ने सभी सम्मानित सदस्यों और उनके परिवारों के प्रति धन्यवाद जताया।
श्रद्धा और सामाजिक एकता की परंपरा
समिति की स्थापना से जुड़ी जानकारी के अनुसार, जोड़ापोखर में दुर्गा पूजा का आयोजन लंबे समय से धार्मिक श्रद्धा और सामाजिक एकता के भाव के साथ किया जा रहा है। महाष्टमी के अवसर पर संस्थापकों का सम्मान इसी परंपरा और उनके योगदान को याद करने का हिस्सा रहा।
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