ईचागढ़ (Tikar Pul)। Karkari Bridge यानी ईचागढ़ क्षेत्र में करकरी नदी पर बना पुल इन दिनों सुरक्षा को लेकर चिंता का विषय बना हुआ है। सिल्ली-रांगामाटी मुख्य सड़क पर स्थित इस पुल के दोनों ओर लगे सुरक्षा गार्ड क्षतिग्रस्त हैं, जिससे गुजरने वाले वाहन चालकों और राहगीरों के लिए दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से जल्द मरम्मत कराने की मांग की है।
पुल के किनारे सुरक्षा घेरा कमजोर होने के कारण वाहन चालकों को सावधानी से गुजरना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते मरम्मत नहीं हुई, तो किसी दिन गंभीर हादसा हो सकता है।

Karkari Bridge पर टूटे सुरक्षा गार्ड से बढ़ी चिंता
करकरी नदी पर बने पुल के दोनों ओर सुरक्षा के लिए लगाए गए गार्ड कई जगह क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। इससे सड़क और नदी के बीच सुरक्षा व्यवस्था कमजोर पड़ गई है। पुल से गुजरते समय वाहन का संतुलन बिगड़ने या सामने से आ रहे वाहन को रास्ता देने के दौरान चूक होने पर गंभीर दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
रात के समय और कम दृश्यता की स्थिति में यह जोखिम और बढ़ सकता है। ऐसे में पुल के क्षतिग्रस्त हिस्सों का निरीक्षण कराकर जरूरी मरम्मत कराना महत्वपूर्ण है।
एनएच-33 को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है Karkari Bridge
सिल्ली-रांगामाटी मुख्य सड़क ईचागढ़ प्रखंड के अधिकांश गांवों को सिल्ली-गोला क्षेत्र के रास्ते राष्ट्रीय राजमार्ग-33 (एनएच-33) से जोड़ती है। इस सड़क से प्रतिदिन छोटे-बड़े वाहनों का आवागमन होता है। नौकरी-पेशा लोगों, विद्यार्थियों, व्यापारियों और अन्य राहगीरों के लिए यह एक महत्वपूर्ण मार्ग है।
ऐसे व्यस्त रास्ते पर पुल की सुरक्षा व्यवस्था कमजोर होने से स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ गई है। पुल से गुजरने वाले वाहन चालकों को क्षतिग्रस्त किनारों के पास विशेष सावधानी बरतनी पड़ती है।
कई बार मांग के बावजूद मरम्मत नहीं होने का आरोप
ग्रामीणों के अनुसार, करकरी नदी के पुल के टूटे सुरक्षा गार्ड की मरम्मत और पुनर्निर्माण की मांग कई बार उठाई जा चुकी है। इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने से लोगों में नाराजगी है।
ग्रामीणों का कहना है कि किसी बड़ी दुर्घटना के बाद कार्रवाई करने के बजाय संबंधित विभाग को पहले ही आवश्यक कदम उठाने चाहिए। उनका मानना है कि समय पर मरम्मत से संभावित हादसों को रोकने में मदद मिल सकती है।
हादसे से पहले मरम्मत कराने की मांग
स्थानीय लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से पुल का निरीक्षण कराने तथा क्षतिग्रस्त हिस्सों की जल्द मरम्मत करने की मांग की है। साथ ही पुल के दोनों ओर मजबूत सुरक्षा गार्ड लगाने की जरूरत बताई है।
ग्रामीणों के मुताबिक, यह सड़क क्षेत्र के गांवों को जोड़ने के साथ-साथ दैनिक आवागमन के लिए भी महत्वपूर्ण है। इसलिए पुल की सुरक्षा व्यवस्था की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए।
फिलहाल संबंधित विभाग की ओर से मरम्मत को लेकर किसी कार्रवाई या समयसीमा की जानकारी उपलब्ध नहीं है। अब देखना होगा कि करकरी पुल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कब तक ठोस कदम उठाए जाते हैं।
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