Legal Awareness Camp : झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, रांची के निर्देशानुसार 13 अक्टूबर 2026 को लूथेरन हाई स्कूल में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष मोहम्मद शाकिर तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव रवि चौधरी के मार्गदर्शन में आयोजित इस शिविर में विद्यार्थियों को कानूनी अधिकारों, बाल संरक्षण, नशा मुक्ति और विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई।
डायन प्रथा के खिलाफ जागरूकता का संदेश
शिविर के दौरान अधिकार मित्र सूरज ठाकुर ने डायन प्रथा और इससे संबंधित कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों से अंधविश्वास से दूर रहने और इस सामाजिक कुरीति के खिलाफ जागरूकता फैलाने की अपील की।
उन्होंने बताया कि किसी महिला को डायन कहकर प्रताड़ित करना कानूनन अपराध है। ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए समाज के सभी लोगों को जागरूक होकर आगे आने की जरूरत है।
बाल विवाह और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की जानकारी
अधिकार मित्र नीतू सार ने बाल विवाह के दुष्परिणामों और इससे संबंधित कानूनी प्रावधानों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि बाल विवाह बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा और भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है।
विद्यार्थियों को बाल विवाह रोकने में अपनी भूमिका निभाने और ऐसी किसी घटना की जानकारी संबंधित अधिकारियों को देने के लिए प्रेरित किया गया। इस दौरान बच्चों की सहायता और सुरक्षा के लिए चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 की जानकारी भी दी गई।
बाल संरक्षण, बाल श्रम और सरकारी योजनाओं पर चर्चा
अधिकार मित्र संगीता देवी ने स्पॉन्सरशिप योजना और राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) की कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जरूरतमंद और पात्र बच्चों को सरकारी योजनाओं के माध्यम से सहायता उपलब्ध कराई जा सकती है।
उन्होंने निःशुल्क विधिक सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया और जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से जरूरतमंद लोगों को उपलब्ध कराई जाने वाली कानूनी सहायता के बारे में भी बताया।
शिविर में बाल श्रम और जरूरतमंद बच्चों के संरक्षण से जुड़े विषयों पर भी जागरूक किया गया। विद्यार्थियों को बताया गया कि प्रत्येक बच्चे को शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान के साथ जीवन जीने का अधिकार है। बच्चों के अधिकारों का उल्लंघन होने पर संबंधित अधिकारियों या जिला विधिक सेवा प्राधिकार से सहायता ली जा सकती है।

नशा मुक्ति को लेकर विद्यार्थियों को किया जागरूक
अधिकार मित्र स्वाति मुखर्जी ने विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थों का सेवन बच्चों और युवाओं के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य, शिक्षा और भविष्य को प्रभावित कर सकता है।
उन्होंने विद्यार्थियों से नशे से दूर रहने, अपने मित्रों को इसके नुकसान के प्रति जागरूक करने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की अपील की।
शिविर में ये अधिकार मित्र रहे उपस्थित
विधिक जागरूकता शिविर में अधिकार मित्र (पैरा लीगल वॉलंटियर) के रूप में संगीता देवी, नीतू सार, स्वाति मुखर्जी और सूरज ठाकुर उपस्थित रहे।
शिविर का उद्देश्य विद्यार्थियों को उनके अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति जागरूक करना और जरूरतमंद बच्चों तथा परिवारों को उपलब्ध कानूनी सहायता एवं कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देना रहा।



