Rugri Haat Bazaar की नीलामी के विरोध में रविवार को सरायकेला-खरसावां जिले के ईचागढ़ प्रखंड अंतर्गत रूगड़ी और बासाहातु के ग्रामीणों ने ग्राम सभा की बैठक आयोजित की। ग्राम प्रधानों की अगुवाई में हुई इस बैठक में जिला परिषद कार्यालय की ओर से जारी नीलामी विज्ञप्ति पर आपत्ति जताई गई। ग्रामीणों ने ग्राम सभा की सहमति और अनुमोदन के अधिकार को दरकिनार किए जाने का आरोप लगाते हुए झारखंड उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने का ऐलान किया।
बैठक में मौजूद ग्रामीणों का कहना था कि अनुसूचित क्षेत्र में हाट बाजार, मेला और घाट जैसी व्यवस्थाओं की नीलामी या बंदोबस्ती में ग्राम सभा की भूमिका और अनुमोदन को महत्व दिया जाना चाहिए। इसी आधार पर उन्होंने रूगड़ी हाट बाजार की प्रस्तावित नीलामी का विरोध किया।

Rugri Haat Bazaar की नीलामी पर ग्राम प्रधानों ने उठाए सवाल
बासाहातु के ग्राम प्रधान काशीनाथ सिंह मुंडा और रूगड़ी के ग्राम प्रधान मुनीराम भूमिज ने कहा कि ग्राम सभा को विश्वास में लिए बिना जिला परिषद कार्यालय की ओर से रूगड़ी हाट बाजार की नीलामी के लिए विज्ञप्ति जारी की गई है। उनके अनुसार, इस फैसले के खिलाफ ग्रामीणों की ओर से उपायुक्त को मांग पत्र सौंपकर विज्ञप्ति रद्द करने की मांग भी की गई थी।
ग्राम प्रधानों का आरोप है कि मांग पत्र दिए जाने के बावजूद ग्राम सभा की आपत्तियों पर विचार नहीं किया गया। उन्होंने इसे अनुसूचित क्षेत्र में ग्राम सभा के अधिकारों और उसकी भूमिका की अनदेखी बताया।

हाईकोर्ट में याचिका दायर करने की तैयारी
ग्राम प्रधानों ने स्पष्ट किया कि रूगड़ी हाट बाजार की नीलामी के खिलाफ उनका विरोध जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि जल्द ही झारखंड उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर नीलामी प्रक्रिया को रद्द करने और ग्राम सभा के अधिकारों को बहाल करने की मांग की जाएगी।
उनका कहना है कि अनुसूचित क्षेत्र में ग्राम सभा के मंतव्य और अनुमोदन को नजरअंदाज कर नीलामी की प्रक्रिया आगे बढ़ाना उचित नहीं है। ग्रामीणों ने इस मुद्दे पर संवैधानिक तरीके से अपनी लड़ाई जारी रखने की बात कही।

बैठक में सैकड़ों ग्रामीण हुए शामिल
ग्राम सभा की इस बैठक में उप मुखिया ललीन मुंडा, सुकलाल सिंह मुंडा, कामदेव नायक, मुकेश सिंह मुंडा, गोपाल सिंह मुंडा, गुणाधर, बाबुपाल, हरिराम कुम्हार, मालु महतो, रतन लाल, हीरालाल, राजकिशोर और दीपक मुंडा सहित सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित थे।
ग्रामीणों ने एकजुट होकर नीलामी के विरोध में अपनी आवाज उठाई। अब इस मामले में ग्राम प्रधानों की ओर से प्रस्तावित न्यायिक कार्रवाई और प्रशासन के अगले कदम पर लोगों की नजर रहेगी।
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