Neemdih News: सरायकेला-खरसावां जिले के नीमडीह प्रखंड स्थित राजस्व ग्राम कुशपुतुल के ग्रामीणों और छात्र-छात्राओं ने गांव की चार प्रमुख जनहित समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर ईचागढ़ विधायक सविता महतो को आवेदन सौंपा है। ग्रामीणों का कहना है कि इन समस्याओं से गांव के लगभग 3,000 लोग प्रभावित हैं। उन्होंने सड़क, बिजली, पुलिया और मुक्ति धाम निर्माण से जुड़ी समस्याओं पर जल्द कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों ने आवेदन में बताया कि बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण आम लोगों, विद्यार्थियों और मरीजों को रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने विधायक से संबंधित विभागों के माध्यम से समस्याओं का समाधान कराने का आग्रह किया है।

Neemdih News: कुशपुतुल गांव की चार प्रमुख मांगें
ग्रामीणों की पहली मांग कुशपुतुल-चांडिल मुख्य सड़क के लगभग 800 मीटर जर्जर हिस्से का पक्कीकरण कराने की है। इस सड़क पर जगह-जगह बड़े गड्ढे बन गए हैं, जिससे आवागमन मुश्किल हो गया है। खासकर विद्यार्थियों और मरीजों को आने-जाने में काफी परेशानी होती है।
ग्रामीणों ने दूसरी मांग बिजली व्यवस्था को सुरक्षित बनाने की रखी है। उनका कहना है कि रोड साइड सिरका डायरेक्ट ट्रांसफार्मर से आने वाली बिजली लाइन को दुरुस्त करने की जरूरत है।
बिजली के तारों से सुरक्षा का खतरा, खंभे लगाने की मांग
आवेदन के अनुसार, बिजली का एक तार कृष्ण पद महतो के घर की छत से सटकर गुजर रहा है। वहीं दूसरा तार तालाब के ऊपर एक पेड़ से सटकर गुजरता है। ग्रामीणों ने बताया कि पेड़ और बिजली के तारों के बीच संपर्क की स्थिति बनी हुई है, जिससे दुर्घटना की आशंका रहती है।
इस समस्या के समाधान के लिए ग्रामीणों ने तीन से चार नए बिजली के खंभे लगाने और तारों को सुरक्षित तरीके से व्यवस्थित करने की मांग की है। उनका कहना है कि बिजली लाइन की मरम्मत और उचित व्यवस्था से संभावित खतरे को कम किया जा सकता है।

वामनी नदी के सोगड़ा घाट पर पुलिया निर्माण की मांग
ग्रामीणों की तीसरी प्रमुख मांग वामनी नदी के सोगड़ा घाट पर पुलिया का निर्माण कराने की है। कुशपुतुल गांव को NH-18 से जोड़ने वाले मुख्य मार्ग पर पुलिया निर्माण का टेंडर पूरा होने के बावजूद अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है।
ग्रामीणों के अनुसार, बरसात के दिनों में नदी के कारण आवागमन और संपर्क प्रभावित होता है। वहीं, वैकल्पिक रास्ते से आने-जाने में जंगली हाथियों का खतरा बना रहता है। ऐसे में पुलिया निर्माण को ग्रामीणों ने जरूरी बताया है।
नदी किनारे मुक्ति धाम बनाने की भी मांग
ग्रामीणों की चौथी मांग नदी किनारे उचित स्थान पर मुक्ति धाम का निर्माण कराने की है। उनका कहना है कि गांव में अंतिम संस्कार के लिए व्यवस्थित और सुविधाजनक स्थान उपलब्ध कराया जाना चाहिए। इसके लिए नदी किनारे उपयुक्त जगह पर मुक्ति धाम बनाने का आग्रह किया गया है।
ग्रामीणों ने विधायक से चारों मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए संबंधित विभागों के माध्यम से आवश्यक कार्रवाई कराने की अपील की है।
मुख्यमंत्री और अंचल अधिकारी को भी भेजी गई आवेदन की प्रतिलिपि
ग्रामीणों ने अपनी मांगों से संबंधित आवेदन की प्रतिलिपि नीमडीह के अंचल अधिकारी और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को भी भेजी है। इस दौरान समीर कुमार महतो, रुबाश सिंह समेत अन्य ग्रामीण उपस्थित थे।
अब ग्रामीणों को उम्मीद है कि उनकी चारों समस्याओं पर प्रशासन और संबंधित विभाग जल्द संज्ञान लेंगे, ताकि गांव के लगभग तीन हजार लोगों को बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी परेशानियों से राहत मिल सके।
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