Saraikela Dust Pollution की समस्या से सरायकेला-राजनगर सड़क किनारे स्थित शासन गांव के ग्रामीण परेशान हैं। सड़क पर वाहनों की आवाजाही के कारण उड़ती धूल घरों तक पहुंच रही है, जिससे भोजन और पीने के पानी के दूषित होने की शिकायत सामने आई है। समस्या से राहत की मांग को लेकर ग्रामीणों ने सरायकेला-खरसावां के उपायुक्त को आवेदन सौंपा है।
ग्रामीणों ने सड़क निर्माण पूरा होने तक सुबह, दोपहर और शाम कम से कम तीन बार पानी छिड़कने की मांग की है। इसके अलावा सड़क निर्माण कार्य में तेजी लाने और गांव के पास बाईपास बनाने की संभावना पर विचार करने का आग्रह किया है।

Saraikela Dust Pollution: घरों में पहुंच रही धूल
ग्रामीणों के अनुसार, सरायकेला से राजनगर जाने वाली सड़क पर दिनभर वाहनों की आवाजाही से काफी धूल उड़ती है। इसका असर सड़क किनारे बसे शासन गांव के लोगों के दैनिक जीवन पर पड़ रहा है।
लोगों का कहना है कि धूल घरों के अंदर तक पहुंच जाती है। बाहर कपड़े सुखाने में परेशानी होती है और भोजन परोसने के कुछ समय बाद ही उस पर धूल जमने लगती है। पीने के पानी पर धूल बैठने से भी ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर ग्रामीण चिंतित
ग्रामीणों ने बताया कि स्कूल और कॉलेज आने-जाने वाले बच्चों को भी धूल के कारण परेशानी होती है। रास्ते में उनके कपड़े धूल से गंदे हो जाते हैं।
लगातार धूल के संपर्क में रहने से सांस संबंधी समस्याओं समेत अन्य स्वास्थ्य परेशानियों का खतरा होने की आशंका ग्रामीणों ने जताई है। उन्होंने जिला प्रशासन से मामले में जल्द हस्तक्षेप कर राहत दिलाने की अपील की है। हालांकि, स्रोत में किसी चिकित्सकीय जांच या बीमारी की पुष्टि का उल्लेख नहीं है।
दिन में तीन बार पानी छिड़काव की मांग
ग्रामीणों की मांग है कि सड़क निर्माण पूरा होने तक धूल पर नियंत्रण के लिए नियमित पानी का छिड़काव कराया जाए। इसके लिए उन्होंने सुबह, दोपहर और शाम कम से कम तीन बार पानी छिड़कने का सुझाव दिया है।
इसके साथ ही ग्रामीण चाहते हैं कि सड़क निर्माण कार्य जल्द शुरू कर निर्धारित काम को पूरा कराया जाए, ताकि लंबे समय तक बनी रहने वाली धूल की समस्या से राहत मिल सके।
स्थायी समाधान के लिए बाईपास का सुझाव
ग्रामीणों ने शासन गांव के पास बाईपास सड़क बनाने का सुझाव भी दिया है। उनका मानना है कि इससे गांव के बीच से गुजरने वाले वाहनों का दबाव कम हो सकता है और धूल से होने वाली परेशानी में राहत मिल सकती है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से तत्काल पानी छिड़काव की व्यवस्था करने, सड़क निर्माण में तेजी लाने और बाईपास की संभावना पर विचार करने की मांग की है। अब उन्हें प्रशासन की पहल और समस्या के समाधान का इंतजार है।
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