Seraikela Electric Shock की घटना में सरायकेला-खरसावां जिले के राजनगर प्रखंड स्थित चाड़री गांव में गुरुवार दोपहर 38 वर्षीय मजदूर दिलीप महतो की मौत हो गई। घर में बिजली का तार जोड़ने के दौरान वह करंट की चपेट में आ गए। परिजन उन्हें राजनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। हादसे के बाद परिवार में शोक है और उनके दो छोटे बेटों के भविष्य को लेकर चिंता बढ़ गई है।
Seraikela Electric Shock: घर में तार जोड़ते समय हुआ हादसा
मिली जानकारी के अनुसार, गुरुवार दोपहर करीब 1:30 बजे दिलीप महतो अपने घर में प्लास की मदद से बिजली का तार जोड़ रहे थे। बताया गया है कि उस समय जमीन गीली थी और वह नंगे पैर थे। इसी दौरान अचानक करंट लगने से वह बिजली के तार से चिपक गए।
दिलीप को करंट की चपेट में आया देखकर उनकी पत्नी उन्हें बचाने के लिए आगे बढ़ीं, लेकिन वह भी बिजली के संपर्क में आ गईं। इसके बाद घर में चीख-पुकार मच गई और आसपास के ग्रामीण मदद के लिए पहुंचे।
ग्रामीणों ने तार हटाकर पहुंचाई मदद
घटना के बाद मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने सूखी लकड़ी की मदद से बिजली के तार को हटाया और दिलीप महतो को उससे अलग किया। इसके बाद परिजन उन्हें तत्काल राजनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। हालांकि, चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
इस घटना में पत्नी के करंट की चपेट में आने की भी जानकारी सामने आई है। उपलब्ध विवरण में उनकी स्वास्थ्य स्थिति के बारे में आगे की जानकारी नहीं दी गई है।
मजदूरी कर चलाते थे परिवार, दो छोटे बेटे
बताया जाता है कि दिलीप महतो आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र की एक कंपनी में मजदूरी करते थे। इसी काम से वह अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनकी अचानक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
दिलीप के दो छोटे बेटे हैं। परिवार के मुख्य कमाऊ सदस्य की मौत के बाद पत्नी और बच्चों के सामने आर्थिक चुनौतियां खड़ी होने की आशंका है। घटना के बाद चाड़री गांव में शोक का माहौल है।
बिजली के तार से जुड़े काम में सावधानी जरूरी
यह हादसा गीली जमीन और बिजली के संपर्क में आने से जुड़े जोखिमों की ओर ध्यान दिलाता है। घर में बिजली के तार जोड़ने या मरम्मत करने का काम स्वयं करने के बजाय प्रशिक्षित इलेक्ट्रीशियन की सहायता लेना सुरक्षित विकल्प है। बिजली का कनेक्शन बंद किए बिना किसी तार या उपकरण को छूना गंभीर खतरा पैदा कर सकता है।
करंट लगने की स्थिति में पीड़ित को सीधे छूने से बचना चाहिए, जब तक बिजली का स्रोत सुरक्षित रूप से बंद न कर दिया जाए। जरूरत पड़ने पर आपातकालीन सहायता बुलानी चाहिए।
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फिलहाल, चाड़री गांव में हुए इस हादसे से परिवार और स्थानीय लोगों में शोक है। घटना से जुड़ी अतिरिक्त आधिकारिक जानकारी उपलब्ध होने पर मामले की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।




