Jharkhand Religious Tradition – सरायकेला-खरसावां जिला के ईचागढ़ प्रखंड क्षेत्र के सितु पंचायत के कुटाम गांव में शुक्रवार को एक अजीब परम्परा देखने को मिला। बंगला बैशाख संक्रांति के उपलक्ष्य में शिव पुजा ग्रामीणों द्वारा प्रतिवर्ष सार्वजनिक रूप से करते हैं,इस दौरान गुरुवार रात्रि को गणेश कलश , दुर्गा घट एवं आधी रात को मां काली घट मंदिर में प्रवेश कराया गया। सुबह पाट भक्ता को लोहे का सैकड़ों नुकीले कील लगे लकड़ी का एक पटरा पर लेटाकर तालाब से करीब एक किलोमीटर ढो कर मंदिर परिसर लाए ।

पूजा पाठ के बाद धधकते आग के अंगारों पर ब्रती महिला पुरुष चलकर आस्था और विश्वास का परिचय दिया। वहीं रात्रि को पश्चिम बंगाल के गोविन्दडीह के नरेन चन्द्र महतो एवं कमलपुर के दीपक महतो के दलों के द्वारा छऊ नृत्य प्रस्तुत किया गया। आयोजन समिति के गणपति गोप ने बताया कि शिव पुजा में एक पटरा पर नुकीले कील लगाकर पाट भक्ता को लेटाकर मंदिर लाया जाता है, जिससे पाट भक्ता को खरोंच तक नहीं आता और गांव के व्रत करने वाले महिला पुरुष धधकते अंगारों पर चलकर भगवान भोलेनाथ को प्रसन्न करने के दौरान किसी का पैर नहीं जलता है,यह भगवान भोलेनाथ का ही महिमा है।

उन्होंने कहा कि सदीयों से यह परम्परा चलते आ रहा है। इस पूजा से गांव में सुख शांति व समृद्धि बनी रहती है। इस आयोजन में मुखिया लक्ष्मी देवी,दयाल सिंह मुण्डा,बीरबल गोप, गणपति गोप,शशधर गोप, संतोष प्रामाणिक, नन्दलाल सिंह मुण्डा,माखन गोप, सुभाष प्रामाणिक मानसिंह मुण्डा सहित सैकड़ो ग्रामीणों का सराहनीय योगदान रहा।







