Adityapur News : सरायकेला-खरसावां जिले के आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र के वार्ड संख्या 35 अंतर्गत कुलुपटांगा मौजा में सरकारी जमीन पर कथित अतिक्रमण को लेकर प्रशासनिक कार्रवाई तेज हो गई है। यहां करीब 45 मकानों पर कार्रवाई की आशंका जताई जा रही है। गम्हरिया अंचल प्रशासन ने अतिक्रमण से संबंधित मामलों की जांच शुरू कर दी है और पिछले पांच वर्षों के दौरान सरकारी जमीन पर हुए अतिक्रमण का विस्तृत ब्योरा मांगा है।
जानकारी के अनुसार, मामला झारखंड हाईकोर्ट में दायर एक जनहित याचिका से जुड़ा है। खाता संख्या 48 के चार प्लॉट पर कथित अतिक्रमण को लेकर याचिका दायर की गई थी। इसके बाद मामले में अवमानना याचिका भी दायर किए जाने की जानकारी सामने आई है। इसके बाद अंचल प्रशासन ने संबंधित जमीन पर अतिक्रमण की जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया तेज की है।
कुलुपटांगा में करीब 45 मकानों को लेकर कार्रवाई की आशंका
कुलुपटांगा मौजा में वास्तु विहार कॉलोनी के आसपास सरकारी जमीन पर करीब 45 मकान बने होने की बात सामने आई है। स्थानीय स्तर पर आशंका जताई जा रही है कि इन मकानों को प्रशासनिक कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
बताया जा रहा है कि कुछ भूखंड कथित तौर पर भूमाफिया द्वारा आम लोगों को बेचे गए थे, जिन पर बाद में मकानों और बहुमंजिला इमारतों का निर्माण किया गया। हालांकि, जमीन के स्वामित्व और प्रत्येक निर्माण की वैधानिक स्थिति का अंतिम निर्धारण संबंधित अभिलेखों और प्रशासनिक जांच के आधार पर ही होगा।
जानकारी के अनुसार, अंचल कार्यालय ने अतिक्रमणवाद की प्रक्रिया के तहत संबंधित मकानों में रहने वाले लोगों को चिह्नित कर पहला नोटिस जारी किया है। नोटिस की शर्तों और आगे की कार्रवाई की स्थिति के संबंध में विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।
पांच वर्षों के अतिक्रमण का ब्योरा मांगने से तेज हुई जांच
अपर उपायुक्त ने गम्हरिया अंचल के अंतर्गत आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र में पिछले पांच वर्षों के दौरान सरकारी जमीन पर हुए कथित अतिक्रमण का विस्तृत ब्योरा मांगा है। प्रशासनिक स्तर पर यह जानकारी जुटाई जा रही है, ताकि सरकारी जमीन से जुड़े मामलों की समीक्षा की जा सके।
मामले के हाईकोर्ट तक पहुंचने के बाद संबंधित भूखंडों पर कार्रवाई को लेकर स्थानीय लोगों के बीच चिंता बढ़ी है। हालांकि, सभी संबंधित मकानों पर बुलडोजर चलाने की अंतिम कार्रवाई या तारीख की आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है।
आदित्यपुर की कई बस्तियों में सरकारी जमीन पर अतिक्रमण के आरोप
आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र की कई बस्तियों में सरकारी जमीन पर अतिक्रमण होने के आरोप लंबे समय से उठते रहे हैं। इनमें रायडीह बस्ती, बनतानगर, बाबा आश्रम, कुलुपटांगा, इच्छापुर, गांधी नगर, बाउरी बस्ती, हरिजन बस्ती, लंका टोला, महावीर नगर, मोती नगर, सालडीह बस्ती, मांझी टोला, इंदिरा बस्ती, सतबहनी और धीराजगंज समेत अन्य इलाके शामिल बताए जाते हैं।
स्थानीय स्तर पर इन क्षेत्रों में सरकारी जमीन पर बड़े पैमाने पर बसावट होने की बात कही जा रही है। हालांकि, प्रत्येक बस्ती में जमीन की स्थिति और अतिक्रमण की सीमा को लेकर आधिकारिक आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
सरकारी जमीन को सुरक्षित करना प्रशासन का उद्देश्य: अंचलाधिकारी
गम्हरिया के अंचलाधिकारी प्रवीण कुमार सिंह ने कहा कि सरकारी जमीन पर अतिक्रमण से संबंधित मामलों की जांच कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि जहां भी सरकारी जमीन है, उसे सुरक्षित रखने के उद्देश्य से कार्रवाई की जा रही है।
फिलहाल कुलुपटांगा के संबंधित भूखंडों की जांच और अतिक्रमणवाद की प्रक्रिया महत्वपूर्ण है। आगे की कार्रवाई जमीन के अभिलेखों, नोटिस की प्रक्रिया और प्रशासनिक जांच के निष्कर्षों के आधार पर स्पष्ट होगी।




