Adityapur Police Success : सरायकेला-खरसावां जिले के आदित्यपुर थाना क्षेत्र स्थित कृषि विज्ञान केंद्र परिसर में मिले रघु महतो के शव के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, विशेष टीम ने करीब 24 घंटे के भीतर मामले का खुलासा किया। बुधवार को पुलिस अधीक्षक मनोज स्वर्गियारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जांच और गिरफ्तारी से जुड़ी जानकारी दी।
मंगलवार को कृषि विज्ञान केंद्र परिसर में एक व्यक्ति का शव बरामद हुआ था। जांच के दौरान मृतक की पहचान शांतिनगर निवासी रघु महतो के रूप में हुई। उनकी पत्नी के आवेदन के आधार पर आदित्यपुर थाना कांड संख्या 287/2026 दर्ज कर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की थी।
तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच, तीन आरोपी गिरफ्तार
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर सरायकेला एसडीपीओ अनुभवन भारद्वाज के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने तकनीकी और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ाई।
पुलिस के मुताबिक, मृतक और तीनों आरोपी एक ही कंपनी में काम करते थे। जांच में सामने आए तथ्यों के अनुसार, वेतन के रुपये लूटने के उद्देश्य से रघु महतो को शराब पिलाई गई और उनकी हत्या कर दी गई। इसके बाद शव को कृषि विज्ञान केंद्र के पास छोड़ दिया गया।
इस मामले में पुलिस ने शंकर सरदार, रवि महतो और भीम महतो को गिरफ्तार किया है। पुलिस की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, आरोपियों की गिरफ्तारी जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर की गई।
₹11 हजार नकद, मोबाइल फोन और शर्ट बरामद
पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ मृतक से कथित तौर पर लूटे गए 11 हजार रुपये भी बरामद किए हैं। इसके अलावा मृतक का एंड्रॉयड मोबाइल फोन और शर्ट बरामद होने की जानकारी दी गई है।
पुलिस ने तीनों आरोपियों के मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। इन वस्तुओं को मामले की जांच से जुड़े साक्ष्यों के रूप में देखा जा रहा है।
एसपी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी जानकारी
बुधवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसपी मनोज स्वर्गियारी ने मामले के खुलासे और पुलिस टीम की कार्रवाई की जानकारी दी। जांच एसडीपीओ अनुभवन भारद्वाज के नेतृत्व में की गई।
छापेमारी दल में आदित्यपुर थाना प्रभारी अंजनी कुमार समेत अन्य पुलिस पदाधिकारी और टाइगर मोबाइल के जवान शामिल थे।
पुलिस के अनुसार, मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और बरामद वस्तुओं को जांच के लिए जब्त किया गया है। आगे की कानूनी प्रक्रिया के तहत मामले की कार्रवाई जारी रहेगी।




