Pollution Issue को लेकर सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया स्थित लाल बिल्डिंग इलाके में स्थानीय लोगों ने परेशानी जताई है। लोगों के अनुसार, श्याम स्वीट की चिमनी से निकलने वाला धुआं आसपास के घरों और दुकानों तक पहुंच रहा है। निवासियों ने संबंधित विभाग से मामले की जांच करने और धुएं पर नियंत्रण के लिए जरूरी कदम उठाने की मांग की है।

Pollution Issue: श्याम स्वीट की चिमनी से निकल रहा धुआं
स्थानीय निवासियों का कहना है कि मिठाई बनाने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली बड़ी चिमनी से लगातार धुआं निकलता है। उनके मुताबिक, धुआं आसपास के घरों में प्रवेश कर रहा है और इसके साथ आने वाली तेज गंध तथा कणों से लोगों को परेशानी हो रही है।
लोगों का दावा है कि सुबह और शाम के समय स्थिति अधिक गंभीर हो जाती है। धुएं से बचने के लिए कई परिवारों को अपने घरों के दरवाजे और खिड़कियां बंद रखनी पड़ती हैं।
बच्चों, बुजुर्गों और दुकानदारों को हो रही परेशानी
स्थानीय लोगों के अनुसार, घरों के अंदर तक धुआं पहुंचने से बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी समस्याओं से पीड़ित लोगों को विशेष दिक्कत होती है। आसपास के कारोबारियों और राहगीरों को भी इस स्थिति का सामना करना पड़ रहा है।
लोगों ने बताया कि श्याम स्वीट के बगल में स्थित सिटी स्टाइल तक भी चिमनी से निकलने वाला धुआं पहुंचता है। हालांकि, धुएं की मात्रा, प्रदूषण का स्तर और स्वास्थ्य पर इसके वास्तविक प्रभाव से संबंधित कोई आधिकारिक जांच रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराई गई है।
प्रदूषण नियंत्रण मानकों की जांच की मांग
स्थानीय निवासियों ने संबंधित विभाग से चिमनी की ऊंचाई, धुआं बाहर निकालने की व्यवस्था और लागू प्रदूषण नियंत्रण मानकों की जांच करने की अपील की है। उनका कहना है कि यदि जांच में नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
लोगों ने धुएं को नियंत्रित करने के लिए उचित फिल्टर और अन्य तकनीकी उपाय अपनाने की मांग भी की है। उनके अनुसार, इससे आसपास रहने वाले लोगों और दुकानदारों को होने वाली परेशानी कम करने में मदद मिल सकती है।
प्रशासनिक निरीक्षण का इंतजार
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द निरीक्षण कर समस्या का समाधान निकालने की अपील की है। उनका कहना है कि रिहायशी इलाके में धुएं की समस्या को गंभीरता से लेते हुए स्थायी समाधान की दिशा में कदम उठाए जाने चाहिए।
फिलहाल, उपलब्ध जानकारी में संबंधित विभाग की जांच, किसी आधिकारिक कार्रवाई या प्रतिष्ठान की ओर से इस मामले पर प्रतिक्रिया का उल्लेख नहीं है। ऐसे में यह स्पष्ट नहीं है कि चिमनी से निकलने वाले धुएं की तकनीकी जांच हुई है या नहीं।
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