Lamps Protest के तहत सरायकेला-खरसावां जिले के ईचागढ़ प्रखंड मुख्यालय में रविवार को जिला परिषद सदस्य जोतीलाल मांझी ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी। ईचागढ़-गौरांगकोचा लैम्पस में एफडी, आरडी और अन्य योजनाओं के तहत जमा खाताधारकों की परिपक्व हो चुकी राशि का भुगतान नहीं होने के विरोध में उन्होंने यह कदम उठाया है। जिप सदस्य ने चेतावनी दी है कि जब तक खाताधारकों को उनकी जमा पूंजी वापस नहीं मिलती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने मांग पूरी नहीं होने पर आत्मदाह करने की भी चेतावनी दी है।
भूख हड़ताल की सूचना मिलने के बाद कई पंचायत प्रतिनिधि और लैम्पस के खाताधारक प्रखंड मुख्यालय पहुंचे। उन्होंने आंदोलन को समर्थन देते हुए प्रशासन से लोगों की जमा राशि का जल्द भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की।

Lamps Protest: सैकड़ों खाताधारकों की जमा पूंजी फंसी
आंदोलन कर रहे जोतीलाल मांझी के अनुसार, ईचागढ़ क्षेत्र के सैकड़ों लोगों ने अपनी मेहनत की कमाई और भविष्य की सुरक्षा के उद्देश्य से लैम्पस में पैसे जमा किए थे। इनमें बड़ी संख्या विस्थापित परिवारों की बताई गई है, जिनकी आर्थिक परेशानियां जमा राशि नहीं मिलने से और बढ़ गई हैं।
उन्होंने बताया कि लैम्पस में सावधि जमा (एफडी), आवर्ती जमा (आरडी) समेत विभिन्न योजनाओं की परिपक्वता अवधि पूरी हो चुकी है। इसके बावजूद खाताधारकों को उनकी राशि नहीं मिल रही है। स्थिति यह है कि संबंधित लैम्पस कार्यालय भी कई वर्षों से बंद पड़ा है, जिससे लोगों को अपनी ही जमा पूंजी प्राप्त करने में परेशानी हो रही है।
डीसी और अधिकारियों को ज्ञापन देने के बाद भी नहीं हुआ समाधान
जोतीलाल मांझी ने कहा कि खाताधारकों की समस्या को लेकर जिले के उपायुक्त और संबंधित विभाग के अधिकारियों को कई बार ज्ञापन सौंपा गया है। हालांकि, उनके अनुसार अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई और लोगों को उनकी जमा राशि वापस नहीं मिल सकी है।
उन्होंने कहा कि लगातार प्रयासों के बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने के कारण पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करनी पड़ी। उन्होंने प्रशासन और सरकार से खाताधारकों की जमा पूंजी वापस करने के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग की।
15 दिनों का अल्टीमेटम देने के बाद शुरू किया आंदोलन
इस मामले को लेकर पिछले दिनों ईचागढ़ प्रखंड के बाकलतोड़ीया में लैम्पस खाताधारकों की बैठक हुई थी। मुखिया राखोहरी सिंह मुंडा की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में जिला परिषद सदस्य जोतीलाल मांझी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे। बैठक में खाताधारकों की समस्याओं और बकाया राशि के भुगतान को लेकर चर्चा की गई थी।
बैठक के दौरान जोतीलाल मांझी ने प्रशासन को 15 दिनों का समय देते हुए कहा था कि निर्धारित अवधि में समस्या का समाधान नहीं होने पर एक नवंबर से ईचागढ़ प्रखंड मुख्यालय में आमरण अनशन शुरू किया जाएगा। इसी घोषणा के तहत रविवार को उन्होंने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी।
आत्मदाह की चेतावनी के बाद बढ़ी मामले की गंभीरता
जिला परिषद सदस्य ने कहा है कि खाताधारकों की जमा राशि का भुगतान होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। मांग पूरी नहीं होने की स्थिति में आत्मदाह करने की चेतावनी भी दी गई है। इस बयान के बाद मामला और गंभीर हो गया है।
भूख हड़ताल के मौके पर चांडिल की जिला परिषद सदस्य सविता मार्डी, मुखिया राखोहरी सिंह मुंडा, अभिराम हैम्ब्रम, सैनिक मांझी, गणेश सिंह सरदार, मनोज मंडल, मृत्युंजय गोप और भक्ता गोप सहित अन्य लोग उपस्थित थे।
फिलहाल खाताधारकों और ग्रामीणों की निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। लोगों को उम्मीद है कि लंबे समय से लंबित जमा राशि के भुगतान को लेकर जल्द समाधान निकलेगा।
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