Chaibasa Blood Bank Ambulance Issue | संसाधनों की कमी से जूझ रहा ब्लड बैंक
चाईबासा (पश्चिमी सिंहभूम) : पश्चिमी सिंहभूम जिले की लाइफलाइन कहे जाने वाले सदर अस्पताल, चाईबासा स्थित ब्लड बैंक में संसाधनों की कमी अब रक्तदान जैसे पुनीत कार्य में बाधा बनने लगी है। दशकों से जिले की सेवा कर रहे इस इकलौते ब्लड बैंक के पास शिविरों में जाने के लिए अपना कोई वाहन या एम्बुलेंस उपलब्ध नहीं है। इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए सामाजिक कार्यकर्ता गुरमुख सिंह खोखर ने व्यक्तिगत रूप से पश्चिमी सिंहभूम के उपायुक्त (DC) श्री मनीष कुमार (I.A.S.) से मुलाकात की और उन्हें एक मांग पत्र सौंपा।
दशकों पुरानी सेवा, पर वाहन का टोटा
सदर अस्पताल स्थित यह ब्लड बैंक पूरे जिले में होने वाले रक्तदान शिविरों पर निर्भर है। चाहे जिला मुख्यालय हो या दूर-दराज के इलाके, ब्लड बैंक की टीम को शिविरों में जाकर रक्त संग्रह करना पड़ता है। लेकिन विडंबना यह है कि इस टीम के पास आने-जाने और संग्रहीत रक्त को सुरक्षित वापस लाने के लिए अपनी कोई आधिकारिक गाड़ी नहीं है।
महिला कर्मियों को होती है भारी असुविधा
गुरमुख सिंह खोखर ने उपायुक्त को बताया कि वाहन न होने के कारण ब्लड बैंक के कर्मचारियों को शिविरों में जाने के लिए निजी या वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ती है। इसमें सबसे ज्यादा परेशानी महिला स्वास्थ्य कर्मियों को झेलनी पड़ती है। देर शाम तक चलने वाले शिविरों के बाद सुरक्षित वापसी और संग्रहित रक्त (Blood Units) को सही तापमान पर अस्पताल तक समय से पहुँचाना एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।
DC मनीष कुमार से उम्मीद
मांग पत्र के जरिए आग्रह किया गया है कि मानव जीवन की रक्षा के लिए रक्त की उपलब्धता अनिवार्य है। रक्तदान शिविरों के सफल और सुचारू आयोजन के लिए चाईबासा ब्लड बैंक को यथाशीघ्र एक समर्पित एम्बुलेंस या वाहन आवंटित किया जाए।
“शहर के बाहर आयोजित होने वाले शिविरों में ब्लड बैंक कर्मियों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। बिना वाहन के टीम का समय पर पहुँचना और रक्त को सुरक्षित लाना कठिन होता जा रहा है। हमें उम्मीद है कि उपायुक्त महोदय इस मानवीय मांग पर जल्द ही संज्ञान लेंगे।”
— गुरमुख सिंह खोखर


