Ichagarh Illegal Sand Mining के खिलाफ सरायकेला जिले में प्रशासन ने सख्ती बढ़ाने का फैसला लिया है। उपायुक्त नितिश कुमार सिंह ने गम्हरिया, सापड़ा, ईचागढ़ और कुकड़ू समेत संवेदनशील इलाकों में अवैध बालू-पत्थर के उत्खनन, भंडारण और परिवहन पर रोक लगाने के लिए नियमित जांच और संयुक्त छापेमारी अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।
जिला स्तरीय खनन कार्यबल की बैठक में अवैध खनन के खिलाफ अब तक हुई कार्रवाई की समीक्षा की गई। प्रशासन ने अंचल अधिकारियों, पुलिस और खनन विभाग को आपसी समन्वय के साथ अभियान तेज करने को कहा है।
Ichagarh Illegal Sand Mining पर प्रशासन की सख्ती
उपायुक्त की अध्यक्षता में वीडियो संवाद के माध्यम से जिला स्तरीय खनन कार्यबल की बैठक आयोजित की गई। इसमें जिले में अवैध खनन, खनिजों के अवैध भंडारण और परिवहन के खिलाफ की गई कार्रवाई की विस्तृत समीक्षा हुई।
बैठक में सामने आए उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, 27 सितंबर से 28 अक्टूबर तक की कार्रवाई के दौरान करीब 30 हजार घनफीट बालू की मात्रा दर्ज की गई। इस अवधि में 8.67 लाख रुपये की वसूली हुई और एक प्राथमिकी अथवा शिकायत दर्ज की गई।
गम्हरिया से ईचागढ़ तक संयुक्त छापेमारी की तैयारी
उपायुक्त ने सभी अंचल अधिकारियों और थाना प्रभारियों को खनन विभाग के साथ समन्वय बनाकर काम करने का निर्देश दिया। संवेदनशील मार्गों, नदी घाटों और उन रास्तों पर विशेष निगरानी रखने को कहा गया है, जिनका इस्तेमाल अवैध खनिज परिवहन के लिए किया जा सकता है।
गम्हरिया, सापड़ा, ईचागढ़ और कुकड़ू जैसे इलाकों में नियमित जांच के साथ संयुक्त छापेमारी अभियान चलाने पर जोर दिया गया है। इसका उद्देश्य अवैध उत्खनन, भंडारण और परिवहन से जुड़ी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है।
पुलिस अधीक्षक ने भी दिए कार्रवाई के निर्देश
पुलिस अधीक्षक मनोज स्वर्गियारी ने थाना प्रभारियों को संबंधित अंचल अधिकारियों के साथ मिलकर कार्ययोजना तैयार करने को कहा। उन्होंने नियमित जांच और संयुक्त छापेमारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
इसके अलावा अवैध खनन गतिविधियों में शामिल व्यक्तियों और वाहनों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कानून के अनुसार कार्रवाई करने को कहा गया है। प्रशासनिक निर्देशों में पुलिस और खनन विभाग के बीच बेहतर तालमेल पर भी विशेष जोर दिया गया।
बैठक में कई विभागों के अधिकारी रहे मौजूद
खनन कार्यबल की बैठक में अपर उपायुक्त जयवर्धन कुमार, सरायकेला एवं चांडिल के अनुमंडल पदाधिकारी, जिला खनन पदाधिकारी ज्योति शंकर शतपथी, सभी अंचल अधिकारी, थाना प्रभारी और संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
निर्देश के बाद अब जमीन पर कार्रवाई की परीक्षा
अवैध खनन के खिलाफ प्रशासन ने सख्त निर्देश जारी किए हैं, लेकिन अभियान की वास्तविक सफलता नियमित और प्रभावी कार्रवाई पर निर्भर करेगी। गम्हरिया से ईचागढ़ और कुकड़ू तक संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी कितनी प्रभावी रहती है, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।
अवैध घाटों पर कार्रवाई, खनिज परिवहन में लगे वाहनों की जांच और संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कदम उठाना प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण चुनौती होगी। निर्देशों का असर तभी दिखाई देगा, जब इन क्षेत्रों में लगातार निगरानी और कार्रवाई जमीन पर भी सुनिश्चित हो सकेगी।
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