चाईबासा में बुजुर्ग महिला के बैंक खाते से अवैध निकासी, ब्रांच मैनेजर समेत कई पर मामला दर्ज
Chaibasa Bank Illegal Withdrawal : पश्चिमी सिंहभूम जिले के चाईबासा में बैंकिंग व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां झारखंड स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक की मधुबाजार शाखा में एक बुजुर्ग महिला के खाते से बिना अनुमति पैसे निकाले जाने का आरोप लगा है। इस मामले में बैंक के तत्कालीन ब्रांच मैनेजर, कैशियर सहित कई लोगों के खिलाफ सदर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
ढाई साल बाद बैंक पहुंची महिला तो खुला मामला
जानकारी के अनुसार मुफस्सिल थाना क्षेत्र के मदकमहातू गांव की रहने वाली 68 वर्षीय जेमाकुई ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि झारखंड स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक की चाईबासा स्थित मधुबाजार शाखा में उनका बचत खाता कई वर्षों से संचालित है। इस खाते में उनकी जीवन भर की बचत के साथ-साथ सरकार द्वारा मिलने वाली वृद्धावस्था पेंशन की राशि भी जमा होती थी।
शिकायत के मुताबिक उम्र और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के कारण वह करीब ढाई साल तक बैंक नहीं जा सकीं। बाद में 6 फरवरी 2025 को वह अपने बेटे चक्रवर्ती देवगाम के साथ बैंक पहुंचीं और खाते से पैसे निकालने की कोशिश की।
खाते में मात्र 1,251 रुपये देखकर रह गईं हैरान
बैंक पहुंचने पर कर्मचारियों ने उन्हें बताया कि उनके खाते में केवल 1,251.94 रुपये ही शेष हैं। यह सुनकर वह और उनका परिवार हैरान रह गया, क्योंकि उनके अनुसार खाते में इससे कहीं अधिक राशि होनी चाहिए थी।
इसके बाद उन्होंने बैंक से अपने खाते का विस्तृत स्टेटमेंट निकलवाया। स्टेटमेंट की जांच करने पर चौंकाने वाली जानकारी सामने आई।
दो साल में कई बार निकाले गए पैसे
स्टेटमेंट के अनुसार 29 जून 2022 से 25 नवंबर 2024 के बीच उनके खाते से सेल्फ कैश टोकन के माध्यम से कुल 46,300 रुपये निकाले गए हैं।
महिला का कहना है कि इनमें से 29 जून 2022 को 15,000 रुपये उन्होंने स्वयं निकाले थे। लेकिन उसके बाद हुई सभी निकासी उनकी जानकारी या उपस्थिति के बिना की गई है। इस कारण उन्हें आशंका है कि बैंक में ही किसी ने धोखाधड़ी कर खाते से पैसे निकाले हैं।
विरोध करने पर खाते में जमा हुए 7 हजार रुपये
महिला ने जब इस मामले को लेकर बैंक अधिकारियों से जवाब मांगा तो उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसके बाद 6 फरवरी 2025 को उनके खाते में सी. बोदरा नामक व्यक्ति द्वारा 7,000 रुपये जमा कर दिए गए।
शिकायतकर्ता का कहना है कि वह इस व्यक्ति को नहीं जानती हैं। उन्हें शक है कि जिसने अवैध निकासी की है, उसी ने मामला दबाने या डर के कारण यह राशि खाते में जमा कराई होगी।
इन लोगों के खिलाफ दर्ज हुई प्राथमिकी
इस पूरे मामले को गंभीर मानते हुए पुलिस ने कई लोगों को आरोपी बनाया है। जिनमें शामिल हैं—
- बैंक के तत्कालीन ब्रांच मैनेजर रबिया भगत
- उस अवधि के कैशियर
- सी. बोदरा नामक व्यक्ति
- बैंक के अन्य संबंधित कर्मचारी
इन सभी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत सदर थाना में मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस ने शुरू की जांच
सदर थाना पुलिस का कहना है कि शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और पूरे मामले की जांच की जा रही है। बैंक खाते से हुई निकासी, कैश टोकन की प्रक्रिया और बैंक कर्मचारियों की भूमिका की बारीकी से जांच की जाएगी।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार जांच पूरी होने के बाद दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बैंकिंग सुरक्षा पर उठे सवाल
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भी आक्रोश देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि यदि बैंक में ही खाताधारकों की जमा राशि सुरक्षित नहीं है तो आम लोगों का भरोसा बैंकिंग व्यवस्था से उठ सकता है।
वहीं, बुजुर्ग महिला और उनके परिवार ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।



