ईचागढ़ – झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था एक बार फिर कटघरे में है। सरायकेला-खरसावां जिले के राजनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में कथित लापरवाही के कारण प्रसव के दौरान एक गर्भवती महिला और उसके नवजात बेटे की मौत हो गई। इस घटना से आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा भी किया।
बताया जा रहा है कि मृतका का यह पहला बच्चा था। पति राजेश बानरा मजदूरी करते हैं। घटना के बाद से गांव में मातम पसरा है। स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने भी मामले का संज्ञान लेते हुए रिपोर्ट तलब की है। नतीजतन, प्रसव के दौरान ही मां और नवजात बेटे दोनों की मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही गांव से बड़ी संख्या में लोग अस्पताल पहुंच गए और हंगामा शुरू कर दिया। लोगों ने दोषी स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और पीड़ित परिवार को मुआवजे की मांग की।

मामले की गंभीरता को देखते हुए सिविल सर्जन डॉ. हिमांशु भूषण बरवार ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर 48 घंटे में रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने कहा कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। दिल दहला देने वाली घटना पर झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़ा हो गया है।अस्पताल की बदहाल व्यवस्था का उजागर हो रहा है,यह एक सर्मशार करने वाली घटना पर सरकार की खामोशी पर भी प्रश्न चिन्ह लगाना लाजिमी है। वहीं किसान मोर्चा के भाजपा कोल्हान सह प्रभारी झारखंड प्रदेश विजय कोइरी ने आरोप लगाते हुए कहा कि इससे बड़ी सर्मनाक घटना क्या हो सकती है। उन्होंने कहा कि जिम्मेदार कौन है। झारखंड सरकार की स्वास्थ्य व्यवस्था किस कदर भ्रष्ट है, जहां जेनरेटर का भी व्यवस्था नहीं है, मोमबत्ती जलाकर प्रसव किया गया और मां बच्चे की मौत हो जाती है। उन्होंने कहा कि जहां करोड़ों का स्वास्थ्य बजट है, पर योजनाएं हवा हवाई और कागजों पर सिमट जाती है। मुख्यमंत्री को अविलम्ब कारवाई का आदेश देते हुए स्वास्थ्य मंत्री को हटा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि झारखंड में कुछ भी अच्छा नहीं हो रहा है,चाहे कोयला, बालू, आयरन आदि खनन का तस्करी ही क्यों न हो।





