Chandil Elephant गतिविधियों को लेकर सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल वन क्षेत्र में ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। रविवार शाम करीब चार बजे रसुनिया के साइटीन इलाके में दो टस्कर हाथियों के जंगल से बाहर निकलने के बाद आसपास के लोगों में भय का माहौल है। हाथियों के दिन में भी आबादी और खेतों की ओर आने से किसानों की फसल तथा ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

Chandil Elephant गतिविधियों से किसानों की चिंता बढ़ी
इन दिनों खेतों में धान की फसल पककर तैयार है। किसानों ने महीनों की मेहनत और खर्च के बाद फसल उगाई है, ऐसे में हाथियों की मौजूदगी से उन्हें नुकसान की आशंका सता रही है।
ग्रामीणों को डर है कि हाथी पके धान को खाने के साथ खेतों में चलकर फसल को रौंद भी सकते हैं। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। फसल तैयार होने के महत्वपूर्ण समय में हाथियों का खेतों के पास पहुंचना किसानों के लिए अतिरिक्त परेशानी बन गया है।
दिन में हाथियों के निकलने से सुरक्षा की चिंता
रसुनिया के साइटीन में दो टस्कर हाथियों के दिन के समय बाहर आने से खेतों में काम करने वाले किसानों, ग्रामीण रास्तों से गुजरने वाले राहगीरों और मवेशी चराने वालों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई गई है। हाथियों की गतिविधियों के कारण ग्रामीणों को अपने रोजमर्रा के काम करते समय भी सतर्क रहना पड़ रहा है।
ग्रामीणों के सामने एक ओर तैयार धान की फसल बचाने की चुनौती है, तो दूसरी ओर अपनी और अपने पशुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की चिंता। फसल की रखवाली के दौरान हाथियों से सामना होने की आशंका भी उनकी परेशानी बढ़ा रही है।
वन विभाग से त्वरित कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने वन विभाग से मामले में जल्द संज्ञान लेने की मांग की है। उनका आग्रह है कि हाथियों को सुरक्षित तरीके से वापस जंगल की ओर भेजने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं, ताकि लोगों की सुरक्षा बनी रहे और किसानों की मेहनत से तैयार फसल को बचाया जा सके।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी में हाथियों की आगे की गतिविधियों, वन विभाग की कार्रवाई या किसी नुकसान की पुष्टि का उल्लेख नहीं है। ग्रामीणों की मुख्य चिंता संभावित फसल नुकसान और लोगों की सुरक्षा को लेकर है।
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