AISF Protest LBSM College : शिक्षा व्यवस्था में हो रहे बदलावों और हालिया परीक्षाओं में सामने आई अनियमितताओं को लेकर छात्रों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। इसी कड़ी में, ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (All India Students’ Federation – AISF) ने आज लाल बहादुर शास्त्री मेमोरियल (LBSM) कॉलेज के मुख्य द्वार पर एक विशाल और उग्र विरोध प्रदर्शन किया। छात्रों ने नई शिक्षा नीति (NEP), क्लस्टर सिस्टम और NEET परीक्षा में हुई गड़बड़ियों के खिलाफ आवाज बुलंद करते हुए केंद्र और राज्य सरकार का पुतला दहन किया।
इस प्रदर्शन के दौरान छात्रों में भारी आक्रोश देखने को मिला। कॉलेज परिसर सरकार विरोधी और छात्र एकता के नारों से गूंज उठा। आइए जानते हैं क्या हैं छात्रों की मुख्य मांगें और क्यों सुलग रही है छात्रों के मन में यह आग:
नई शिक्षा नीति (NEP) और क्लस्टर सिस्टम का कड़ा विरोध
कार्यक्रम का नेतृत्व कर रहे AISF के प्रदेश कार्यकारी सदस्य मुकेश रजक ने अपने संबोधन में नई शिक्षा नीति और क्लस्टर सिस्टम को सीधे तौर पर छात्र विरोधी करार दिया। उन्होंने कहा कि 75% CGPA लागू करने का फैसला और क्लस्टर सिस्टम जैसी नीतियां ग्रामीण और गरीब तबके के छात्रों को उच्च शिक्षा से दूर करने की एक साजिश हैं।
“नई शिक्षा नीति के नाम पर शिक्षा का तेजी से व्यवसायीकरण और निजीकरण किया जा रहा है। सरकार ऐसी नीतियां थोप रही है जिससे गरीब छात्र पढ़ाई छोड़ने को मजबूर हो जाएं। हम शिक्षा को अमीरों की जागीर नहीं बनने देंगे।” – मुकेश रजक, प्रदेश कार्यकारी सदस्य, AISF

NEET परीक्षा में धांधली पर फूटा गुस्सा
हाल ही में NEET परीक्षा में सामने आई पेपर लीक और अनियमितताओं की खबरों ने पूरे देश के छात्रों को झकझोर कर रख दिया है। AISF के इस प्रदर्शन में भी NEET का मुद्दा छाया रहा। मुकेश रजक ने कहा कि मेडिकल प्रवेश परीक्षा में हुई इन गड़बड़ियों ने लाखों मेधावी छात्रों के भविष्य और उनके सपनों के साथ भद्दा खिलवाड़ किया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि आज देश का युवा बेरोजगारी, बेलगाम महंगाई और लगातार हो रहे पेपर लीक से हताश है, लेकिन सत्ता में बैठे लोग छात्रों की इन गंभीर समस्याओं को पूरी तरह से नजरअंदाज कर रहे हैं।
“मांगें नहीं मानीं, तो और तेज होगा आंदोलन”
AISF के नेताओं ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने इन ‘छात्र विरोधी नीतियों’ को वापस नहीं लिया और शिक्षा व्यवस्था में सुधार नहीं किया, तो यह आंदोलन यहीं नहीं रुकेगा। आने वाले दिनों में इसे और भी तेज और व्यापक रूप दिया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
इन छात्र नेताओं ने संभाला मोर्चा
इस विरोध प्रदर्शन को सफल बनाने में कई छात्र नेताओं ने अहम भूमिका निभाई। कार्यक्रम में मुख्य रूप से उपस्थित रहे:
- रंजन यादव (जिला सचिव, AISF)
- राजू सामद (जिला अध्यक्ष, AISF)
- कार्तिकेयन (अध्यक्ष, LBSM College)
- रितिक सिंह (कॉलेज प्रभारी)
- हरप्रीत सिंह (छात्र नेता)
इसके अलावा, गौरव तिवारी, शरवन पांडेय, रोहन, राहुल, निर्मल मिश्रा, विशाल, वायरल, कृष्णा, शुभदीप, लक्ष्मण, विजय, निरंजन और अमित सहित बड़ी संख्या में छात्रों ने इस पुतला दहन कार्यक्रम और प्रदर्शन में अपनी सक्रिय भागीदारी दर्ज कराई।
छात्रों का संकल्प: प्रदर्शन के अंत में सभी छात्रों ने एक स्वर में यह संकल्प लिया कि वे छात्र हितों की रक्षा के लिए अपना संघर्ष अनवरत जारी रखेंगे। उनका मानना है कि जब तक शिक्षा व्यवस्था पारदर्शी, सस्ती और सबकी पहुंच में नहीं हो जाती, तब तक वे चैन से नहीं बैठेंगे।
(छात्रों के इस विरोध प्रदर्शन और नई शिक्षा नीति पर आपकी क्या राय है? क्या आपको लगता है कि शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे ये बदलाव छात्रों के हित में हैं? अपने विचार हमें कमेंट सेक्शन में जरूर बताएं और शिक्षा से जुड़ी तमाम खबरों के लिए हमारे साथ बने रहें।)





