Gamharia News: सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया थाना परिसर में महिला के साथ कथित दुष्कर्म के मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने रविवार, 1 नवंबर 2026 को पुलिस प्रशासन और राज्य सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में पूर्व सांसद गीता कोड़ा शामिल हुईं। इसके बाद भाजपा नेताओं ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर आरोपी के खिलाफ कठोर कार्रवाई और पीड़िता को जल्द न्याय दिलाने की मांग की।
भाजपा ने इस मामले को महिला सुरक्षा और पुलिस प्रशासन की जवाबदेही से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताते हुए राज्य सरकार को घेरा। पार्टी ने मामले में तीन महीने के भीतर स्पीडी ट्रायल कराने समेत कई मांगें रखीं।

Gamharia News: भाजपा के प्रदर्शन में शामिल हुईं गीता कोड़ा
भाजपा प्रदेश कमेटी के निर्देश पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने गम्हरिया थाना कांड को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान पूर्व सांसद गीता कोड़ा ने भी हिस्सा लिया। बाद में पार्टी प्रतिनिधियों ने पुलिस अधीक्षक को अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा।
इस दौरान गीता कोड़ा ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली राज्य सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार मंईयां सम्मान योजना के जरिए महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा की बात करती है, लेकिन दूसरी ओर महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार की घटनाएं सामने आ रही हैं।
उन्होंने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए उसे निकम्मी सरकार बताया और महिला सुरक्षा के मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की।
भाजपा ने तीन महीने में स्पीडी ट्रायल की मांग की
भाजपा जिलाध्यक्ष हरेकृष्ण प्रधान के नेतृत्व में पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा गया। इसमें मामले के आरोपी पुलिसकर्मी के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने और पीड़िता को जल्द न्याय दिलाने की मांग की गई।
ज्ञापन में भाजपा ने मांग की कि मामले का तीन महीने के भीतर स्पीडी ट्रायल कराया जाए, ताकि न्यायिक प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न हो। पार्टी ने आरोपी पुलिसकर्मी को तीन दिनों के भीतर सेवा से बर्खास्त करने की मांग भी रखी।

सभी थानों में सातों दिन महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की मांग
भाजपा ने जिले की कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाने के साथ सभी पुलिस थानों में सप्ताह के सातों दिन महिला पुलिसकर्मियों की अनिवार्य तैनाती सुनिश्चित करने की मांग उठाई। पार्टी का कहना है कि महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े मामलों में पुलिस व्यवस्था को अधिक जवाबदेह और सतर्क होना चाहिए।
पार्टी नेताओं ने कहा कि पुलिस थाना आम नागरिकों के लिए सुरक्षा और सहायता का स्थान माना जाता है। ऐसे स्थान पर महिला के साथ कथित गंभीर घटना सामने आना चिंताजनक है। उन्होंने इस मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरतने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की।
गम्हरिया थाना कांड में पहले भी हुई है बड़ी कार्रवाई
गम्हरिया थाना परिसर में महिला के साथ कथित दुष्कर्म के मामले के सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन ने भी कार्रवाई की थी। मामले में तत्कालीन थाना प्रभारी समेत छह पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया था और आरोपी पुलिसकर्मी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया था।
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महिला सुरक्षा को लेकर सरकार और प्रशासन पर बढ़ा दबाव
भाजपा के इस प्रदर्शन के जरिए पार्टी ने महिला सुरक्षा, पुलिस थानों की जवाबदेही और जिले की कानून-व्यवस्था का मुद्दा उठाया है। ज्ञापन में रखी गई मांगों पर अब पुलिस प्रशासन और संबंधित अधिकारियों की आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी।
फिलहाल मामले में आरोपों की जांच और न्यायिक प्रक्रिया के निष्कर्ष महत्वपूर्ण हैं। आरोपों का अंतिम निर्धारण अदालत में उपलब्ध साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगा।





