India Assembly Election 2026 Results : मई 2026 के विधानसभा चुनावों के ताज़ा रुझान और शुरुआती नतीजे सामने आ गए हैं। चुनाव आयोग द्वारा जारी किए गए पांच राज्यों—असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के आंकड़ों ने देश के राजनीतिक परिदृश्य में भारी हलचल पैदा कर दी है। एक तरफ जहाँ पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (BJP) एतिहासिक बहुमत की ओर बढ़ती दिख रही है, वहीं तमिलनाडु की राजनीति में एक नए दल (TVK) ने दोनों प्रमुख द्रविड़ पार्टियों को पीछे छोड़ दिया है। आइए डालते हैं सभी पांच राज्यों के विस्तृत रुझानों और नतीजों पर एक नज़र:
पश्चिम बंगाल (कुल सीटें – 294)
ममता के गढ़ में भाजपा की बड़ी सेंधमारी: 193 सीटों पर आगे
पश्चिम बंगाल से सबसे चौंकाने वाले आंकड़े सामने आ रहे हैं। राज्य की 294 विधानसभा सीटों में से 291 सीटों के रुझान मिल चुके हैं। यहाँ तृणमूल कांग्रेस (AITC) को बड़ा झटका लगता दिख रहा है।
BJP (भारतीय जनता पार्टी): 193 सीटों पर शानदार बढ़त के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभर रही है।
AITC (तृणमूल कांग्रेस): सत्ताधारी पार्टी महज़ 93 सीटों पर आगे चल रही है।
अन्य दलों में AJUP और AISF 2-2 सीटों पर आगे हैं, जबकि कांग्रेस (INC) सिर्फ 1 सीट पर सिमटती नजर आ रही है।
यह नतीजे बताते हैं कि बंगाल की जनता ने इस बार सत्ता परिवर्तन का मन बना लिया है और भाजपा यहाँ पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने की राह पर है।
तमिलनाडु (कुल सीटें – 234)
द्रविड़ राजनीति में भूचाल, TVK ने DMK और ADMK को पछाड़ा
तमिलनाडु के रुझानों ने सभी राजनीतिक विश्लेषकों को चौंका दिया है। 226 सीटों के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, राज्य की पारंपरिक द्रविड़ पार्टियों को एक नई राजनीतिक शक्ति ने कड़ी चुनौती दी है।
TVK: 109 सीटों पर बढ़त बनाकर राज्य में सबसे आगे चल रही है।
ADMK: 59 सीटों पर बढ़त के साथ दूसरे स्थान पर है।
DMK: सत्ताधारी दल 49 सीटों पर आगे रहकर तीसरे स्थान पर खिसक गया है।
PMK 5 और कांग्रेस (INC) 4 सीटों पर आगे हैं।
तमिलनाडु में यह रुझान एक स्पष्ट संदेश है कि मतदाता पारंपरिक दो-दलीय व्यवस्था से इतर एक नए नेतृत्व की ओर देख रहे हैं।
केरल (कुल सीटें – 140)
वामपंथी किले में कांग्रेस की शानदार वापसी
केरल में हर पांच साल में सत्ता परिवर्तन का रिवाज इस बार भी कायम रहता दिख रहा है। 127 सीटों के रुझान और नतीजों में कांग्रेस (INC) के नेतृत्व वाला गठबंधन (UDF) स्पष्ट रूप से आगे है।
INC (कांग्रेस): 56 सीटों पर आगे चल रही है और 6 सीटें जीत चुकी है।
CPI(M): वामपंथी गठबंधन की प्रमुख पार्टी 25 सीटों पर आगे है और 3 जीत चुकी है।
IUML: 21 सीटों पर बढ़त और 1 सीट पर कब्ज़ा कर चुकी है।
CPI 8 और KEC 7 सीटों पर आगे चल रहे हैं।
कांग्रेस और IUML के संयुक्त प्रदर्शन ने स्पष्ट कर दिया है कि केरल में एक बार फिर यूडीएफ (UDF) की सरकार बनने जा रही है।
असम (कुल सीटें – 126)
भाजपा गठबंधन की सत्ता पर पकड़ बरकरार
असम में भारतीय जनता पार्टी अपने सहयोगियों के साथ एक बार फिर से सरकार बनाने की स्थिति में है। 123 सीटों के प्राप्त आंकड़ों के अनुसार:
BJP: 78 सीटों पर मजबूत बढ़त बनाए हुए है और 1 सीट जीत चुकी है।
INC (कांग्रेस): मुख्य विपक्षी दल 24 सीटों पर आगे चल रहा है।
BOPF: 9 सीटों पर आगे है और 1 जीत हासिल कर चुका है।
AGP 8 और AIUDF मात्र 2 सीटों पर आगे हैं।
असम की जनता ने मौजूदा सरकार के कामकाज पर अपनी मुहर लगाते हुए भाजपा को फिर से सत्ता की चाबी सौंपने का फैसला किया है।
पुडुचेरी (कुल सीटें – 30)
AINRC का शानदार प्रदर्शन
केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में 16 सीटों के नतीजे/रुझान स्पष्ट हो गए हैं, जहाँ AINRC सबसे बड़े दल के रूप में उभरी है।
AINRC: 8 सीटों पर जीत दर्ज कर चुकी है और 1 पर आगे है।
निर्दलीय (IND): 1 सीट जीते हैं और 2 पर आगे हैं।
BJP और INC (कांग्रेस) ने 1-1 सीट पर जीत दर्ज की है। BJP 1 अन्य सीट पर आगे है, जबकि LJK भी 1 सीट पर बढ़त बनाए हुए है।
मई 2026 के ये चुनाव परिणाम भारतीय राजनीति के लिए एक ‘वाटरशेड मोमेंट’ (ऐतिहासिक क्षण) साबित हो सकते हैं। पश्चिम बंगाल में भाजपा का विशाल बहुमत और तमिलनाडु में TVK का अभूतपूर्व उभार यह दर्शाता है कि क्षेत्रीय स्तर पर मतदाताओं की प्राथमिकताएँ तेजी से बदल रही हैं। वहीं, असम में भाजपा का दबदबा कायम रहना और केरल में कांग्रेस की वापसी यह सिद्ध करती है कि जनता स्थानीय मुद्दों और नेतृत्व पर बारीकी से नज़र रखती है। शाम तक सभी अंतिम नतीजे घोषित होने के बाद ही स्थिति पूरी तरह साफ होगी, लेकिन एक बात तय है—देश की राजनीति एक नए युग में प्रवेश कर रही है।



